जिले में आज भी शासकीय अमले द्वारा घर-घर जाकर सर्वे कर 15 से 18 वर्ष के बच्चों की जानकारी एकत्रित की जा रही है, ताकि एक भी बच्चा टीकाकरण से ना छूटे।