कटनी स्टेशन पर छापेमारी: स्टालों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिली, अवैध वेंडरों पर भी उठे सवाल कटनी | रिपोर्ट कटनी रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब रेलवे अधिकारियों ने अचानक स्टालों की सघन जांच की। इस दौरान कई स्टालों में एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री—चिप्स, कुरकुरे सहित अन्य पैकेट बंद सामान—बरामद किए गए। अधिकारियों ने फूड प्लाजा से लेकर मल्टीपल स्टालों तक औचक निरीक्षण किया और प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर भी जांच की कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि कई स्टालों पर यात्रियों को गुणवत्ता हीन और एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेची जा रही थी। इतना ही नहीं, खुलेआम ओवररेट पर सामान बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की सेहत और जेब दोनों पर असर पड़ रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई के बावजूद कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा और कटनी साउथ स्टेशन पर अवैध वेंडरों का नेटवर्क लगातार सक्रिय बताया जा रहा है। आरोप है कि ट्रेनों में ठेकेदारों के जरिए बिना अनुमति के खाना सप्लाई किया जा रहा है, जिसमें कुछ रेलवे अधिकारियों की मिलीभगत होने की भी चर्चा है। यात्रियों का कहना है कि उन्हें बासी भोजन—जैसे बासी समोसे, भजिया और बिना मान्यता वाले खाद्य पदार्थ—खिलाए जा रहे हैं। कई वेंडर ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिनके पास फर्जी आईडी कार्ड हैं, फिर भी उनका पुलिस वेरिफिकेशन आसानी से हो जाता है। चिंताजनक बात यह भी है कि यही अवैध वेंडर यात्रियों के साथ मारपीट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल पाए जाते हैं। जन आहार कैंटीन तक में अवैध वेंडरों के संचालन की शिकायतें सामने आई हैं। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन अवैध गतिविधियों को संरक्षण कौन दे रहा है? रेलवे पुलिस और जिम्मेदार अधिकारी इस पर चुप क्यों हैं? यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर आखिर कब सख्त कार्रवाई होगी—यह देखने वाली बात होगी।