राहुल राठोड़ रिपोर्टर

राजोद- सुख पाने के लिए सत्संग में जाना जरूरी। कथा में कई बातों का अनुसरण करना चाहिए बड़ों का आदर सम्मान सदा करना चाहिए। यह बात पंडित बालकृष्ण नागर खेड़ा पिपलोदी रतलाम ने ग्राम गोन्दीखेडा ठाकुर धाकड़ धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कही।पं.नागर ने कहा कि भागवत कथा हर मनुष्य को सुनना चाहिए जीवन में आत्मसात करना चाहिए। नागर ने कहा कि मामा कंस के वधं का वृत्तांत सुनाया। कोठरी में बंद माता देवकी पिता वासुदेव को बंदी घर से मुक्त कराया। अवंतिका नगरी सांदीपनि आश्रम में भगवान श्री कृष्ण के विघार्जन की। श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह का सुंदर वर्णन किया।कथा सुनने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।