बाला साहू रिपोर्टर

सतना- केंद्र एवं राज्य सरकार की सबसे महती योजना सार्वजनिक वितरण प्रणाली जिले में दम तोड़ चुकी है।

जब से जिले में के.के. सिंह जिला आपूर्ति अधिकारी ने पदभार ग्रहण किया है। तब से जिले में गरीबों को राशन के लाले पड़ गए हैं।

कलेक्टर के तमाम उपायों के बाद भी कोटेदार सुधरने को तैयार नहीं है। जिले में जगह-जगह शिकायतें आ रही हैं राशन का वितरण समय पर नहीं हो रहा है वही गरीबों का यह राशन कालाबाजारी होकर साहूकारों के गोदाम में पहुंच जाता है ।

उदाहरण के तौर पर सोहावल जनपद के करही कोठार गांव में 3 महीने से खाद्यान्न ही नहीं बटा।

विगत दिनों गांव की महिलाओं एवं मीडिया की पहल पर तहसीलदार गांव में जांच हेतु पहुंचे थे ।

बताया जाता है कि उन्होंने पंचनामा बनाकर अपनी रिपोर्ट एसडीएम सतना ग्रामीण को सौंप दी है ।

लेकिन आज एक हफ्ते बाद भी गरीब राशन की राह जोह रहे हैं ।

यहां यह एक बार फिर यह सिद्ध हो रहा है कि जिले की भ्रष्ट ब्यूरोक्रेसी गरीबों के प्रति संवेदनशील नहीं है।