अहंकार ही मनुष्य के पतन का कारण बनता है:प. उपाध्याय

*राजोद गौरीशंकर महिला मंडल द्वारा निकाली गई कलश यात्रा*

*कलश यात्रा के साथ नगर में शुरू हुई श्री शिव महापुराण कथा*

राहुल राठौड़ सरदारपुर से

सरदारपुर -राजोद नगर के नवनिर्मित माहेश्वरी मांगलिक भवन में गुरुवार से श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। गौरीशंकर महिला मंडल के तत्वावधान में कलश यात्रा निकाली गई। जो नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर सदर बाजार, सुतार गली, धोबीवडली होते हुए कथा स्थल रणछोड़राय मंदिर के सामने माहेश्वरी मांगलिक भवन पहुंची। बैंडबाजों के साथ निकली यात्रा में महिलाएं गरबा नृत्य करते हुए चल रही थीं।

यात्रा में सुसज्जित रथ ट्रैक्टर पर कथा वाचक भागवताचार्य पं. डॉ. राजेंद्र किशोरीलाल उपाध्याय विराजमान थे। मार्गों में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। कथा के दौरान पं. उपाध्याय ने शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। भगवान शिव के निराकार और साकार स्वरूपों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि अहंकार ही मनुष्य के पतन का कारण बनता है। अहंकार के चलते ब्रह्मा और विष्णु के बीच संघर्ष हुआ, जिसके परिणामस्वरूप महादेव ने ब्रह्मा को पूजा से वंचित कर दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहंकार रहित जीवन जीने की सीख दी। भजन गायक पं. महेश शर्मा द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है।