बड़े हादसे का इंतजार करता विभाग नहीं बनी दिवार पुर्व में भी हो चुकी घटना
राहुल राठोड़ रिपोर्टर
राजौद। राजोद से डेलची रोड तक प्रधानमंत्री सडक को भले ही टु लेन सडक मे परिवर्तीत कर दिया गया हो लेकीन आज भी यह सडक कई स्थानो पर टु लेन सडक के मापदंडो पर खरी नही उतर पाई है। राजोद से कुछ किमी दुर ही आनंदखेडी और नंदलई के बीच मोड पर सडक के किनारे कुए के समीप बनाई गई दीवार एक वर्ष से भी अधिक समय से टुट कर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लेकिन इस स्थान पर न तो विभाग और ना ही ठेकेदार ने कोई संकेतक या बोर्ड लगाया जिससे वाहन चालको को पता चल सके की सडक के किनारे कुए की दीवार क्षतिग्रस्त है। कुए के समीप रस्सी बांधकर कुछ सफेद रेत की बोरिया भरकर रख दी गई। पहली बार इस सडक पर सफर करने वाले वाह
राजौद। राजोद से डेलची रोड तक प्रधानमंत्री सडक को भले ही टु लेन सडक मे परिवर्तीत कर दिया गया हो लेकीन आज भी यह सडक कई स्थानो पर टु लेन सडक के मापदंडो पर खरी नही उतर पाई है। राजोद से कुछ किमी दुर ही आनंदखेडी और नंदलई के बीच मोड पर सडक के किनारे कुए के समीप बनाई गई दीवार एक वर्ष से भी अधिक समय से टुट कर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। लेकिन इस स्थान पर न तो विभाग और ना ही ठेकेदार ने कोई संकेतक या बोर्ड लगाया जिससे वाहन चालको को पता चल सके की सडक के किनारे कुए की दीवार क्षतिग्रस्त है। कुए के समीप रस्सी बांधकर कुछ सफेद रेत की बोरिया भरकर रख दी गई। पहली बार इस सडक पर सफर करने वाले वाहन चालक तो हादसे का शिकार हो जाते है। वैसे यह रोड की संधारण अवधि है लेकिन विभाग ने इसकी मरम्मत कराने की जहमत तक नही उठाई है। वैसे अब देखना है की समाचार प्रकाशन के बाद विभाग की कुंभकरणीय नीद खुलती है की नही है। या फिर हादसे के बाद जागेगा विभाग ।