चांद का इंतजार करती रहीं करवा चौथ की महिलाएं, आसमान में बादलों ने बढ़ाई बेचैनी!
सुबह से निर्जला व्रत रख पति की लंबी उम्र की कामना, चंद्र दर्शन में देरी से महिलाएं परेशान; चांद निकलने के इंतजार में टिकी रहीं निगाहें
कटनी। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ सुबह से निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए करवा चौथ की रात चांद का इंतजार परेशानी का सबब बन गया। आसमान में चंद्र दर्शन नहीं होने से व्रत रखने वाली महिलाएं असमंजस में नजर आईं। परंपरा के अनुसार चांद को अर्घ्य देने, छलनी से पति का चेहरा देखने और फिर व्रत खोलने की तैयारी कर रही महिलाओं की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं।
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। महिलाएं सुबह से ही बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत रखती हैं और शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चंद्रमा के दर्शन का इंतजार करती हैं। चांद निकलने के बाद अर्घ्य देकर छलनी से पति का चेहरा देखने और उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलने की परंपरा है।
चंद्र दर्शन में देरी से बढ़ी बेचैनी
चांद दिखाई नहीं देने के कारण महिलाओं की परेशानी बढ़ती नजर आई। दिनभर भूखी-प्यासी रहकर व्रत करने वाली महिलाएं चंद्रमा के निकलने की राह देखती रहीं। मौसम की स्थिति को लेकर पहले से जताई गई आशंका के बीच आसमान में चांद के दर्शन नहीं होने से इंतजार और लंबा हो गया।
क्या चांद दिखने तक जारी रहेगा इंतजार?
सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि चंद्र दर्शन में देरी होने पर महिलाएं कब और किस तरह अपना व्रत खोलेंगी। कोई आसमान की ओर नजरें लगाए रही तो कोई चांद निकलने की संभावना का इंतजार करती रही। करवा चौथ की इस रात चंद्र दर्शन को लेकर महिलाओं में उत्सुकता के साथ बेचैनी भी देखने को मिली।
हालांकि, चांद दिखाई देने और व्रत खोलने का समय स्थानीय मौसम तथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। चंद्र दर्शन नहीं होने की स्थिति में व्रत खोलने को लेकर महिलाएं अपने परिवार की परंपरा और धार्मिक मार्गदर्शन के अनुसार निर्णय ले सकती हैं।
