दीपावली पर भी MSW कर्मचारियों के चेहरों पर मायूसी! समय पर वेतन नहीं मिलने से सफाईकर्मियों से वार्ड सुपरवाइजर तक नाराज

सुबह से शाम तक शहर की सफाई में जुटे कर्मचारियों की खुशियों पर लगा ग्रहण, त्योहार के समय वेतन को लेकर कंपनी के खिलाफ बढ़ रही नाराजगी; जिम्मेदार अधिकारी मौन

कटनी। जिस दीपावली के त्योहार पर हर घर में खुशियों के दीप जलने चाहिए, उसी त्योहार पर कटनी शहर को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मचारियों के घरों में मायूसी छाई हुई है। शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाली MSW (म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट) कंपनी के छोटे कर्मचारियों से लेकर वार्ड सुपरवाइजर तक में नाराजगी देखने को मिल रही है। वजह है समय पर वेतन नहीं मिलने की शिकायत। सुबह से शाम तक शहर की सड़कों, गलियों और वार्डों को साफ रखने में पसीना बहाने वाले इन कर्मचारियों के लिए दीपावली की खुशियां अब आर्थिक परेशानी और इंतजार में बदलती नजर आ रही हैं।

शहर चमकाने वाले कर्मचारियों के घरों में मायूसी क्यों?

दीपावली आते ही हर परिवार को घर की सजावट, बच्चों के लिए नए कपड़े, मिठाइयां और जरूरी खरीदारी की उम्मीद रहती है। लेकिन जिन कर्मचारियों के कंधों पर पूरे शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी है, वही कर्मचारी त्योहार के समय अपने वेतन को लेकर परेशान बताए जा रहे हैं। आरोप है कि MSW कंपनी द्वारा समय पर वेतन भुगतान नहीं किए जाने से सफाई कर्मचारियों और वार्ड सुपरवाइजरों में असंतोष बढ़ रहा है।

सवाल यह है कि दिन-रात मेहनत कर शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों को अपने ही मेहनताने के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है? क्या त्योहार के समय उनके परिवारों की जरूरतों और खुशियों की जिम्मेदारी किसी की नहीं है?

छोटे कर्मचारी से सुपरवाइजर तक नाराजगी

मामला केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि वार्डों में कामकाज की निगरानी करने वाले सुपरवाइजर भी वेतन भुगतान को लेकर नाराज हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो परिवार के साथ त्योहार कैसे मनाया जाएगा? आखिर रोजाना मेहनत करने वाले कर्मचारियों को उनकी मेहनत का पैसा समय पर मिलना भी सुनिश्चित नहीं होगा तो कंपनी की जवाबदेही किसके प्रति है?

नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे सुध?

MSW कंपनी के कामकाज और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर अब नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था केवल सड़कों पर झाड़ू लगाने और कचरा उठाने से नहीं चलती, बल्कि इसके पीछे सैकड़ों कर्मचारियों की मेहनत जुड़ी होती है। ऐसे में कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों को नजरअंदाज करना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

इस दीपावली कर्मचारियों को मिलेगी खुशी या फिर मायूसी?

कटनी में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या MSW कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी दीपावली के पहले कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करेंगे? क्या नगर निगम के अधिकारी हस्तक्षेप कर सफाई कर्मचारियों और वार्ड सुपरवाइजरों की नाराजगी दूर करेंगे?

शहर को रोशन करने और स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों के अपने घरों में ही खुशियों का दीप कब जलेगा? दीपावली पर इनके चेहरों पर मुस्कान आएगी या वेतन के इंतजार में त्योहार की खुशियां फीकी पड़ जाएंगी? अब निगाहें MSW कंपनी प्रबंधन और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं।