एनओसी के नाम पर रिश्वतखोरी! लोकायुक्त के ट्रैप में फंसे निगमकर्मी पर गिरी गाज, निगमायुक्त ने किया निलंबित
कटनी। नगर निगम में भ्रष्टाचार के मामले में निगमायुक्त तपस्या परिहार ने सख्त कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 आलोक गर्ग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संपदा शाखा में पदस्थ आलोक गर्ग को एनओसी जारी करने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में जबलपुर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप किया था। मामले की जानकारी सामने आने और लोकायुक्त कार्यालय से पत्र प्राप्त होने के बाद निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
जारी निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि 23 अक्टूबर 2026 को समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आलोक गर्ग के लोकायुक्त कार्रवाई में पकड़े जाने की जानकारी प्राप्त हुई थी। लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर से मिले पत्र में भी उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
निगमायुक्त ने इस कृत्य को शासकीय सेवक के आचरण के प्रतिकूल और नगर निगम की छवि धूमिल करने वाला मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 तथा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि में आलोक गर्ग का मुख्यालय निगम के विवेकानंद सभागार, जोन कार्यालय क्रमांक-1 निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर योजना से संबंधित समस्त लिपिकीय कार्यों की जिम्मेदारी सहायक राजस्व निरीक्षक धनंजय सिंह भदौरिया को सौंप दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कामकाज में भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
