ग्वालियर पुलिस एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल
जन सुरक्षा युवा-सृजन संवाद’ कार्यशाला में एमएलबी कॉलेज के विद्यार्थियों को किया विधिक एवं सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक
एमएलबी महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में संविधान, महिला एवं बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य सहित महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) श्री जयराज कुबेर ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहकर जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने के लिए किया प्रेरित।*
आठ सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को संवैधानिक अधिकारों, आपराधिक न्याय व्यवस्था, पॉक्सो अधिनियम, साइबर अपराधों से बचाव, आपातकालीन सहायता एवं आत्महत्या रोकथाम जैसे विषयों की दी गई व्यावहारिक जानकारी।
ग्वालियर दिनांक 24.10.2026। पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भा.पु.से.) के निर्देशन में मध्य प्रदेश पुलिस एवं मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (एमएलबी कॉलेज), ग्वालियर के अटल बिहारी सभागार में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रातः 10.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में महाविद्यालय के लगभग 150 विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) ग्वालियर श्री जयराज कुबेर के मार्गदर्शन में कार्यशाला सम्पन्न हुई। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता विकसित करना, उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना, सुरक्षा संबंधी विषयों की व्यावहारिक समझ प्रदान करना तथा पुलिस एवं समाज के मध्य विश्वास, सहयोग और संवाद को और अधिक सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरीश कुमार अग्रवाल ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) श्री जयराज कुबेर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, बाल अधिकारों, किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी विषयों की सरल एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधों पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि आमजन के बीच सुरक्षा की भावना विकसित करना, नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना तथा आवश्यकता के समय उन्हें सहयोग उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि “पुलिस समाज की रक्षक होने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सच्ची सहयोगी है। जब विद्यार्थी पुलिस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं, कानून का सम्मान करते हैं और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हैं, तभी एक सुरक्षित, जागरूक एवं सशक्त समाज की नींव मजबूत होती है।” श्री कुबेर ने ‘सृजन अभियान’ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आठ सत्रों में दी गई कानून, सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की विस्तृत जानकारी- कार्यशाला को आठ विषयगत सत्रों में विभाजित किया गया। प्रत्येक सत्र में संबंधित विषय के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी प्रदान की तथा दैनिक जीवन में सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। भाग-01- कार्यशाला का परिचय, रूपरेखा एवं उद्देश्य - अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जयराज कुबेर ने कार्यशाला की रूपरेखा, उद्देश्य एवं ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ की उपयोगिता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि युवाओं को कानून, सुरक्षा एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
भाग-02- अधिकार, संविधान एवं कानून की नींव - डॉ. ज्योत्सना राजपूत ने भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं कानून के मूलभूत सिद्धांतों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों को समझने, अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
भाग-03- आपराधिक न्याय व्यवस्था- सिद्धांत एवं प्रक्रिया- एडीपीओ श्री मुरारी लाल गुप्ता ने आपराधिक न्याय व्यवस्था के सिद्धांतों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने कानून के महत्व, न्यायिक प्रक्रिया तथा विधिक प्रावधानों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
भाग-04- समावेशी समाज, महिला एवं बाल संरक्षण - एसडीओपी घाटीगांव श्री शैलेन्द्र शर्मा ने महिला एवं बाल सुरक्षा, बाल अधिकारों तथा समाज के कमजोर वर्गों के संरक्षण से संबंधित विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी अनुचित घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के महत्व को समझाया।
भाग-05- साइबर सुरक्षा, डिजिटल नागरिकता एवं इंटरनेट का जिम्मेदार उपयोग- थाना साइबर क्राइम ग्वालियर के उप निरीक्षक श्री धर्मेन्द्र शर्मा ने साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल नागरिकता एवं इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ऑनलाइन गतिविधियों में सतर्कता बरतने, व्यक्तिगत जानकारी एवं गोपनीय विवरण साझा करने से बचने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने की समझाइश दी।
भाग-06- सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति एवं हिंसा निवारण- यातायात थाना झांसीरोड के प्रभारी सूबेदार श्री आयुष मिश्रा ने सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात अनुशासन, नशे के दुष्प्रभाव तथा हिंसा की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, नशे से दूर रहने और समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
भाग-07- प्रथम प्रतिक्रिया पुलिस, आपातकालीन समस्याएं एवं आपदा प्रबंधन- निरीक्षक रेडियो श्री भारत सिंह ने आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका, त्वरित सहायता, प्रथम प्रतिक्रिया तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संकट की स्थिति में संयम बनाए रखने, उपलब्ध सहायता सेवाओं का उचित उपयोग करने तथा सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने के महत्व से अवगत कराया।
भाग-08- मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण एवं आत्महत्या रोकथाम- मनोविज्ञान विभाग के डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, व्यक्तिगत कल्याण तथा आत्महत्या रोकथाम जैसे संवेदनशील विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, तनावपूर्ण परिस्थितियों में उचित सहयोग लेने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रश्नोत्तर एवं संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों की सहभागिता - कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर के माध्यम से संवाद स्थापित किया गया, जिससे उन्हें विभिन्न कानूनी एवं सामाजिक विषयों से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखने का अवसर मिला। निरीक्षक एवं थाना प्रभारी इंदरगंज दीप्ती तोमर ने ‘एक जिम्मेदार नागरिक’ के रूप में आगे का रास्ता विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नागरिक कर्तव्यों, सामाजिक सहभागिता, कानून के सम्मान तथा समाज के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारी के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, सतर्कता, कानून के प्रति सम्मान और समय पर उचित सहायता प्राप्त करना सुरक्षित समाज के निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं।
पुलिस एवं शैक्षणिक संस्थानों के समन्वय से सशक्त समाज की दिशा में पहल - ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यशाला पुलिस एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को विधिक जागरूकता, सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने, अनुचित गतिविधियों के विरुद्ध जागरूक रहने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यशाला का मंच संचालन डॉ. अशोक विश्नोई, एनएसएस अधिकारी द्वारा किया गया। अंत में प्रो. लेफ्टिनेंट कपिल कौरव, एनसीसी अधिकारी, महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, ग्वालियर ने उपस्थित अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में महाविद्यालय के प्रो. बी.के. शर्मा, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. सुशील यादव, डॉ. अंजू गुप्ता, डॉ. सरिता वर्मा, डॉ. नीलम गुप्ता, डॉ. पुष्पलता ठाकुर, डॉ. विभा दुर्वार, डॉ. संगीता जैन, डॉ. रविशंकर पाठक, डॉ. त्रिलाचन भट्ट, डॉ. चेतनवाला, डॉ. मल्लिका गौर, डॉ. रुचि सिंह, डॉ. ज्योति शुक्ला, डॉ. नीतू यादव, डॉ. नीता श्रीवास्तव, डॉ. अशेष झा, डॉ. अब्दुल इशाक, डॉ. पिंकी ढल सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों सहित लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
