Jaipur Rajasthan जी.आर. ग्लोबल अकादमी का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, 'भारत की कालजयी यात्रा: हड़प्पा से चंद्रयान तक' की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन।

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक खास खबर सामने आई है। बालाजी शिक्षा समिति के तत्वावधान में संचालित जी.आर. ग्लोबल अकादमी, बेनाड़ रोड, माचेड़ा, जयपुर का वार्षिकोत्सव सत्र 2026-27 बड़े ही हर्षोल्लास और सांस्कृतिक भव्यता के साथ आयोजित किया गया।

'भारत की कालजयी यात्रा: हड़प्पा से चंद्रयान तक' थीम पर आधारित इस भव्य समारोह में विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से भारतीय इतिहास, संस्कृति, परंपरा और आधुनिक भारत की उपलब्धियों को जीवंत कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के स्थानीय निकाय विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री अशोक कुमार उपस्थित रहे।

समारोह में बालाजी शिक्षा समिति के चेयरमैन श्री भागीरथ जी पुनिया, प्रबंध निदेशक श्री जगदीश पुनिया, विद्यालय की कार्यकारी प्रभारी श्रीमती कुसुम पुनिया, एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. कनिका गोयल, श्री आलोक पुनिया तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री अजय कुमार गुप्ता सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इस अवसर पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रतिभा और रचनात्मकता को सम्मानित किया गया। मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सांस्कृतिक ट्रॉफियों का वितरण भी किया गया।

वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक यात्रा पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम।

विद्यार्थियों ने सिंधु घाटी सभ्यता की झलक प्रस्तुत करते हुए प्राचीन भारतीय नगर सभ्यता और सुव्यवस्थित जीवनशैली को मंच पर दर्शाया।

इसके बाद वैदिक काल, मौर्य काल, गुप्त काल और भक्ति काल की शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों को जीवंत किया गया।

सम्राट अशोक, चाणक्य, चंद्रगुप्त मौर्य, विक्रमादित्य, महाकवि कालिदास और वराहमिहिर जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान को भी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।

वहीं संत मीराबाई की भक्ति, कृष्ण प्रेम और मुगलकालीन कला, स्थापत्य एवं ऐतिहासिक विरासत की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा भी प्रस्तुत की गई। वर्ष 1857 की क्रांति से लेकर 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक की संघर्षपूर्ण यात्रा को विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया।

इसके साथ ही 1970-80 के दशक के लोकप्रिय दूरदर्शन कार्यक्रमों, चित्रहार और रंगोली जैसी यादगार प्रस्तुतियों ने पुरानी सांस्कृतिक यादों को ताजा कर दिया।

आधुनिक भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को दर्शाते हुए चंद्रयान और मंगलयान मिशन की शानदार प्रस्तुति दी गई। साथ ही 'आज का भारत, आत्मनिर्भर भारत' की अवधारणा को भी मंच पर प्रदर्शित किया गया।

देश के विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक वेशभूषा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का संदेश दिया।

**बाइट के लिए संकेत: मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार**

मुख्य अतिथि श्री अशोक कुमार ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

वहीं बालाजी शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं चेयरमैन श्री भागीरथ जी पुनिया तथा एम.डी. श्री जगदीश पुनिया ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की।

विद्यालय के प्राचार्य श्री अजय कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, समिति पदाधिकारियों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन और भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ समारोह का समापन हुआ। Umesh panday ki report