कटनी। बहोरीबंद जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के बीच चल रहा विवाद अब प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। CEO को लेकर “जूता मारने” संबंधी कथित बयान और नारेबाजी के मामले में समर्थन में उतरे कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच बहोरीबंद जनपद क्षेत्र के कई सरपंच CEO के समर्थन में सामने आए और उन्होंने कटनी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

16 सितंबर से धरना-प्रदर्शन का दावा

सरपंचों द्वारा कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि 16 सितंबर 2026 को जनपद पंचायत बहोरीबंद में सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई थी। ज्ञापन के अनुसार बैठक में कुछ प्रस्तावों को लेकर जनपद सदस्यों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद जनपद अध्यक्ष द्वारा CEO के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।

सरपंचों ने ज्ञापन में दावा किया है कि 16 सितंबर से लगातार चल रहे प्रदर्शन के कारण जनपद पंचायत के नियमित कामकाज पर असर पड़ रहा है। साथ ही कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल से कार्यालयीन वातावरण प्रभावित होने और इसका असर ग्राम पंचायतों के कार्यों पर पड़ने की बात भी कही गई है।

CEO की कार्यप्रणाली से संतुष्ट होने की बात

ज्ञापन सौंपने वाले सरपंचों ने जनपद CEO की कार्यप्रणाली पर संतोष जताते हुए कहा कि उनके अनुसार CEO द्वारा नियमानुसार कार्य किया जा रहा है। सरपंचों ने प्रशासन से मांग की कि विवाद के कारण उत्पन्न व्यवधान को समाप्त कराया जाए और जनपद पंचायत का कामकाज सुचारू रूप से संचालित हो, ताकि ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित न हों।

पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गरमाया

“जूता मारने” संबंधी कथित बयान को लेकर दर्ज एफआईआर की जानकारी सामने आने के बाद विवाद ने नया रूप ले लिया है। हालांकि एफआईआर में दर्ज धाराओं और आरोपों की स्थिति संबंधित पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सरपंचों के ज्ञापन और पुलिस कार्रवाई के बाद बहोरीबंद जनपद का यह विवाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

मामले में दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।