कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ की अगुवाई में तैयार होगा राजस्थान का पहला मॉडल बालिका सैनिक स्कूल
चित्तौड़गढ़ के बाद झुंझुनूं का दो दिवसीय अध्ययन दौरा पूरा; राजस्थान के बालिका सैनिक विद्यालयों के लिए बनेगा ब्लूप्रिंट, एसओपी और दिशा-निर्देश
जयपुर, 28 सितंबर 2026। राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर के गतिशील नेतृत्व में संभागीय स्तर पर बालिका सैनिक विद्यालय स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल की है। इसकी घोषणा 2024-25 के बजट में की गई थी और इसी क्रम में इस वर्ष सीकर और बीकानेर में बालिका सैनिक विद्यालय शुरू किए गए हैं। संचालन के दौरान सामने आई कुछ व्यवस्थागत कमियों के बाद अब दोनों विद्यालयों को स्थापित सैनिक विद्यालयों की तर्ज पर सुदृढ़ करने तथा प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले बालिका सैनिक विद्यालयों के लिए एक समान मॉडल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सीकर और बीकानेर के विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर हुई प्रदेश स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता विशिष्ट शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग करेंगे, जबकि उप निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, बीकानेर को सदस्य सचिव बनाया गया है। कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ तथा कर्नल जितेंद्र कुमार बलवदा, शौर्य चक्र प्राप्त एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, भारतीय सैनिक स्कूल, सीकर समिति के सदस्यों में शामिल हैं। संबंधित बालिका/बालक सैनिक विद्यालयों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी समिति के सदस्य हैं।
आवासीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दोनों विद्यालयों में वर्तमान वार्डन व्यवस्था के स्थान पर हॉस्टल सुपरिटेंडेंट की व्यवस्था करने का प्रस्ताव है। साथ ही मौजूदा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर एसओपी और संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों में आवश्यक संशोधन किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सलाहकार समिति ने पहले सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ का दो दिवसीय अध्ययन दौरा किया और इसके बाद 27 एवं 28 सितंबर को सैनिक स्कूल झुंझुनूं का दो दिवसीय दौरा पूरा किया। समिति स्थापित सैनिक विद्यालयों की कार्यप्रणाली और सुविधाओं का तुलनात्मक अध्ययन कर रही है, ताकि बालिका सैनिक विद्यालयों के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक एसओपी तैयार की जा सके। अध्ययन में भूमि एवं भवन, कक्षाएं, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान एवं अन्य खेल सुविधाएं, भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसी आवश्यकताओं को शामिल किया गया है।
एसओपी के तहत विद्यालय की स्थापना एवं मान्यता, सीबीएसई पैटर्न के अनुरूप शैक्षणिक संचालन, शिक्षकों एवं सैन्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण, छात्राओं के प्रवेश एवं आवासीय व्यवस्था, प्रशासनिक ढांचा, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा वित्तीय शक्तियों एवं बजट के उपयोग से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा खेल, अनुशासन, दैनिक दिनचर्या, चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा, अभिभावक सहभागिता और निगरानी व्यवस्था के लिए भी मानक तय किए जाएंगे।
झुंझुनूं पहुंचने पर अध्ययन दल का सैनिक स्कूल झुंझुनूं के प्रधानाचार्य कर्नल विक्रांत सिंह सांब्याल तथा विद्यालय की पूरी टीम ने स्वागत किया। इसके बाद विद्यालय की कार्यप्रणाली पर विस्तृत ब्रीफिंग दी गई और पूरे परिसर का भ्रमण कराया गया। विद्यालय प्रशासन ने अध्ययन दल को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया। टीम ने शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, खेल सुविधाओं, सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या तथा अन्य व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन किया।
