कटनी: ₹5 हजार का इनामी शराब दुकान मैनेजर गिरफ्तार, एक साल से चल रहा था फरार
19 पेटी अवैध शराब परिवहन मामले में पुलिस की कार्रवाई, 950 पाव शराब के साथ पकड़े गए थे दो आरोपी
कटनी। जिले के बड़वारा थाना पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे ₹5,000 के इनामी आरोपी सुंदर सिंह (59), निवासी ग्राम लोखरिया, जिला सतना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खमतरा शराब दुकान का मैनेजर था और उस पर मामले में पकड़े गए आरोपियों को शराब उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को 9 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और डीएसपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बड़वारा उपनिरीक्षक सुयश पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
कार से बरामद हुई थीं 19 पेटी शराब
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2025 की रात गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंडीवर कार क्रमांक MP21CA0021 से अवैध शराब ले जाई जा रही है। पुलिस ने ग्राम पथवारी स्थित रेलवे अंडरब्रिज के पास वाहन को रोककर तलाशी ली। कार में सवार रवि सिंह और आनंद राम उर्फ सोनी कुशवाहा, दोनों निवासी जिला कटनी, के कब्जे वाले वाहन की डिक्की से देशी प्लेन शराब की 9 पेटी और देशी लाल मसाला शराब की 10 पेटी बरामद हुईं।
कुल 19 पेटियों में 950 पाव, लगभग 171 लीटर शराब मिली, जिसकी अनुमानित कीमत ₹95,000 बताई गई। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ में सामने आया मैनेजर का नाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कथनों के आधार पर खमतरा शराब दुकान के मैनेजर सुंदर सिंह का नाम सामने आया। आरोप था कि उसने पकड़े गए आरोपियों को शराब उपलब्ध कराई थी। घटना के बाद से सुंदर सिंह फरार चल रहा था। उसकी तलाश में मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के साथ साइबर सेल की मदद ली गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी सुयश पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक महेश प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक पवनराज, आरक्षक रवि कुमार कोरी और आरक्षक आशीष तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर सेल के आरक्षक शुभम गौतम एवं दीपक का भी विशेष योगदान रहा।
