कटनी में झूठी FIR का सनसनीखेज आरोप! युवक बोला– खुद ब्लेड मारकर दीपक सिंह को फंसाने की कही बात, प्रत्यक्षदर्शी ने खोली पोल? SP से निष्पक्ष जांच की मांग

कटनी। ग्राम जटवारा में पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। एक युवक ने सरपंच अनुपम राठिया एवं मंदीप राठिया सहित उनके परिवार पर साजिश के तहत झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने का आरोप लगाया है। वहीं, इस मामले में एक कथित प्रत्यक्षदर्शी के सामने आने के बाद पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। दोनों आवेदकों ने पुलिस अधीक्षक कटनी को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुरानी रंजिश में बार-बार फंसाने का आरोप

ग्राम जटवारा निवासी दीपक सिंह परिहार ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम सरपंच अनुपम राठिया, मंदीप राठिया एवं उनके परिवार के सदस्यों के साथ उसकी पुरानी रंजिश चली आ रही है। इसी द्वेषभावना के चलते पूर्व में भी उसके और उसके पिता के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत कथित झूठी FIR दर्ज कराई गई थी। अब थाना कुठला में उसके खिलाफ एक और झूठा एवं मनगढ़ंत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है।

दीपक सिंह का कहना है कि उसे जानबूझकर आपराधिक मामलों में उलझाकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। उसने पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने और राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत दबाव से मुक्त होकर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

ब्लेड से खुद को चोट पहुंचाने का दावा, प्रत्यक्षदर्शी ने दिया आवेदन

मामले में सबसे गंभीर आरोप अंकित पांडेय ने अपने अलग आवेदन में लगाए हैं। अंकित के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 3:15 बजे वह मंदीप राठिया के घर पर मौजूद था। इसी दौरान मंदीप राठिया ने कथित तौर पर स्वयं ब्लेड से अपने दाहिने हाथ के कंधे पर वार कर चोट पहुंचाई।

अंकित पांडेय ने दावा किया है कि यह पूरी घटना उसकी आंखों के सामने हुई। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान मंदीप राठिया ने दीपक सिंह को फंसाने की बात कही थी। अंकित ने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए पुलिस के सामने बयान देने की इच्छा जताई है।

अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

दीपक सिंह परिहार ने थाना कुठला में दर्ज FIR की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, घटनास्थल का निरीक्षण, स्वतंत्र गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कराने की मांग की है। वहीं अंकित पांडेय के आवेदन में लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।

इस मामले में दोनों आवेदकों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना बाकी है। संबंधित पक्षों का पक्ष और पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आना भी शेष है।

बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई पुरानी रंजिश के चलते दीपक सिंह को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है, या दर्ज FIR के पीछे कोई अन्य सच्चाई है? कथित ब्लेड से चोट पहुंचाने और फंसाने की बात कहे जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है? अब इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष पुलिस जांच से ही सामने आएगा।