कटनी में PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज के खिलाफ सड़कों पर संग्राम! 28 दिन से आंदोलन, सुभाष चौक पर चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

कटनी एक्शन कमेटी का दो टूक ऐलान– निजी भागीदारी वाला मेडिकल कॉलेज मंजूर नहीं, कटनी को चाहिए पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज; इंजीनियरिंग, माइनिंग और लॉ कॉलेज की मांग भी उठी

कटनी। कटनी में PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज को लेकर विरोध की चिंगारी अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। पिछले 28 दिनों से लगातार जारी विरोध के बावजूद मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से प्रदर्शनकारियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देने लगा है। आज कटनी एक्शन कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुभाष चौक पहुंचे और सरकार की PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज योजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि कटनी को निजी भागीदारी वाला मेडिकल कॉलेज नहीं, बल्कि पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज चाहिए। उनका तर्क है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलने से गरीब, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों को सस्ती एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। निजी भागीदारी के मॉडल से आम जनता को कितना लाभ मिलेगा, इस पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।

28 दिन का आंदोलन, अब सड़क पर उतरा विरोध!

कटनी एक्शन कमेटी का कहना है कि जिले की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकारी संस्थानों की आवश्यकता है। प्रदर्शनकारियों ने PPP मॉडल की योजना निरस्त करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और कटनी में पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग बुलंद की।

मेडिकल कॉलेज ही नहीं, तीन अन्य सरकारी कॉलेज भी चाहिए

आंदोलनकारियों ने जिले में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, माइनिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज शुरू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि कटनी औद्योगिक और खनिज संपदा वाला महत्वपूर्ण जिला है, लेकिन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को पर्याप्त सरकारी संस्थान उपलब्ध कराने की जरूरत है।

सुभाष चौक पर चक्काजाम, प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

प्रदर्शन के दौरान सुभाष चौक पर यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग की। मौके पर एसडीएम जितेन्द्र पटेल भी मौजूद रहे

अब सवाल सिर्फ PPP मॉडल मेडिकल कॉलेज का नहीं, बल्कि कटनी के स्वास्थ्य और शिक्षा के भविष्य का बन गया है। 28 दिनों से जारी आंदोलन और सुभाष चौक पर हुए चक्काजाम के बाद क्या सरकार जनता की मांग सुनेगी? क्या कटनी को पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल पाएगा? फिलहाल आंदोलन ने प्रशासन और सरकार के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।