कोलकाता पुलिस की एंटी-फ्रॉड टीम का रायपुर में छापा, महेंद्र गोयनका और परिवार पर हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप रायपुर: कोलकाता पुलिस की एंटी-फ्रॉड टीम ने आज रायपुर पहुंचकर आनंदम वर्ल्ड सिटी निवास पर महेंद्र गोयनका के ठिकानों पर रेड की है। महेंद्र गोयनका और उनके परिवार—जिनमें उनके भाई मनीष गोयनका, पत्नी मीनू गोयनका और बच्चों के एचयूएफ (HUF) शामिल हैं—पर वित्तीय अनियमितता के तहत हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप है। कई कंपनियों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी: कोलकाता की अन्य कंपनियों के साथ भी इस तरह के घोटाले किए गए हैं, जिसके विरुद्ध कोलकाता शहर के 3-4 अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज हैं। आज जिस मामले में कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई की है, वह बाउबाजार थाना (एफआईआर संख्या 226/2026) से संबंधित है। इसमें महेंद्र गोयनका के खिलाफ फॉरजरी (जालसाजी), क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी (आपराधिक षड्यंत्र), चीटिंग और बीएनएस (BNS) की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में महेंद्र गोयनका, उनके भाई और उनकी पत्नी के खिलाफ प्रमाण सिद्ध हो चुके हैं और क्यूडी (QD) रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इन लोगों पर कई कंपनियों के साथ धोखाधड़ी और साइन की फॉरजरी (दस्तावेजों में हेराफेरी) करने का आरोप है। पूर्व मंत्री संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से जुड़ा कनेक्शन: जांच के अनुसार, यह हजारों करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पूर्व मंत्री और वर्तमान कटनी (विजयराघवगढ़) के विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों के साथ मिलकर की गई है। इसी सिलसिले में कोलकाता पुलिस ने यह रेड की है। महेंद्र गोयनका फरार, तलाश जारी: रेड के दौरान यह बात सामने आई कि महेंद्र गोयनका अपने घर से फरार हैं। कल शाम से ही वे अपने पूरे परिवार के साथ लगातार छुप रहे हैं, इधर-उधर भाग रहे हैं और कोलकाता पुलिस को चकमा दे रहे हैं। उनका और उनकी मदद कर रहे कुछ स्थानीय लोगों (जैसे घनश्याम अग्रवाल व अन्य) के फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। गौरतलब है कि महेंद्र गोयनका जुलाई माह में भी 14 दिनों तक किसी अन्य मामले में कोलकाता पुलिस की हिरासत में रहे थे, और इस बार की यह कार्रवाई किसी अन्य एफआईआर के संबंध में की गई है।
