*मध्यप्रदेश में पटवारी आंदोलन पर सख्त हुए CS अशोक बर्णवाल, कलेक्टरों को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम - बोले, जिला या संभाग पटवारी चला रहे हैं या आप लोग?*
*भोपाल / रीवा।* मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर चल रहे पटवारियों के विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि 7 दिन के अंदर स्वामित्व योजना का काम कराकर परफॉर्मेंस दिखाएं।
*CS ने दी चेतावनी - फेलियर माने जाएंगे कलेक्टर* CS बर्णवाल ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिन में काम नहीं हुआ तो कलेक्टरों का परफॉर्मेंस रिव्यू किया जाएगा और काम नहीं कराने वालों को 'फेलियर' माना जाएगा। योजना की तय समय-सीमा में अब सिर्फ 9 दिन बाकी हैं।
*CS की सख्ती - "जिला या संभाग पटवारी चला रहे हैं या आप लोग?"* बैठक में CS ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पटवारी कलेक्टर के खिलाफ 'मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटवारी और तहसीलदारों से काम कराना कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। पहले पटवारियों को समझाकर काम कराएं, जरूरत पड़े तो सख्त कार्रवाई करें, लेकिन काम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तीन हफ्ते हो चुके हैं और योजना का काम नहीं हुआ है, यह ठीक नहीं है। पटवारी का काम पटवारी ही करेगा, राजस्व के भूमि संबंधी काम दूसरे कर्मचारियों से नहीं कराए जा सकते।
उन्होंने कहा कि सरकार पटवारियों के साथ नरम रुख अपना रही है, उनकी मांग पर पांच मंत्रियों की कमेटी के साथ बातचीत कराई, उनकी इच्छा के मुताबिक सर्कुलर भी जारी किया गया, इसके बावजूद पटवारी काम नहीं कर रहे हैं।
CS ने कहा कि सरकार प्रोटेक्शन देती है, लेकिन सरकार के आदेश ही नहीं माने जा रहे हैं। उन्होंने कलेक्टरों से जिलों में सख्ती करने को कहा। ऐसा नहीं हुआ तो कलेक्टरों पर कार्रवाई की स्थिति बनेगी। साथ ही ऐसे तहसीलदारों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए जो पटवारियों से काम नहीं करा पा रहे हैं।
*ग्वालियर संभागायुक्त बोले - भोपाल से निर्देश नहीं मिले* ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री ने बताया कि पटवारी कह रहे हैं कि भोपाल स्थित केंद्रीय संघ से उन्हें काम पर लौटने के निर्देश नहीं मिले हैं। इस पर CS ने सख्त लहजे में कहा कि पटवारियों की मांगें मान ली गई हैं, इसलिए अब विरोध का कोई मतलब नहीं है। जो कलेक्टर 7 दिन में काम नहीं करा पा रहे हैं, उन्हें भोपाल बुलाया जाएगा।
*प्रदेश में 102 पटवारियों पर एक्शन - रीवा के 15 शामिल* स्वामित्व योजना में काम बंद करने और बर्खास्तगी-निलंबन के विरोध में प्रदेशभर के पटवारियों ने गुरुवार से रविवार तक सामूहिक अवकाश लिया है। वे स्वामित्व योजना में निष्पादक (एग्जीक्यूटर) की भूमिका का विरोध कर रहे हैं।
कार्रवाई की स्थिति इस प्रकार है -
*जिलेवार बर्खास्तगी - 27* आगर-मालवा 5, उज्जैन 4, शाजापुर 4, रतलाम 4, मंदसौर 4, देवास 3
*जिलेवार निलंबन - 75* ग्वालियर 19, जबलपुर 17, *रीवा 15*, सागर 13, नर्मदापुरम 5, गुना 4, सतना 2
*नोटिस - 357* सागर 137, नर्मदापुरम 133, गुना 52, छिंदवाड़ा 32, भोपाल 3
*PRC से बातचीत बेनतीजा, डिप्टी CM से बैठक टली* स्वामित्व योजना में काम बंद करने के विरोध में गुरुवार को प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय में बैठक हुई, जो बेनतीजा रही। इसके बाद डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल को पटवारियों से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन व्यस्तता के चलते बैठक टल गई। फिलहाल कोई निर्णय नहीं हुआ है।
*क्या है स्वामित्व योजना?* स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में लोगों को उनकी आवासीय जमीन का मालिकाना हक देने के लिए संपत्ति कार्ड / अधिकार अभिलेख तैयार किए जाते हैं। इसमें जमीन की मैपिंग और सत्यापन जैसे राजस्व संबंधी काम शामिल हैं। मप्र में योजना के तहत करीब 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की तैयारी है। News 24 ×7 india दीपक तिवारी
