मैहर घुनवारा में बिजली व्यवस्था बेपटरी! 20 किमी दूर बैठकर मोबाइल से चल रहा सिस्टम, जेई-लाइनमैन पर फोन नहीं उठाने के आरोप

अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से जनता परेशान, किसानों की मोटरें, छात्रों की पढ़ाई और व्यापार प्रभावित; समाजसेवी संतोष त्रिपाठी ने दी विद्युत मंडल के घेराव की चेतावनी

मैहर। मैहर जिले के घुनवारा विद्युत वितरण केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और शिकायतों के बावजूद समय पर सुधार नहीं होने से उपभोक्ता परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली कब गुल होगी और कितनी देर तक बंद रहेगी, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। वहीं, बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो रहा है।

मुख्यालय में नहीं रहते जिम्मेदार कर्मचारी, उपभोक्ता परेशान

स्थानीय लोगों के अनुसार, घुनवारा विद्युत वितरण केंद्र में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता (जेई) कथित तौर पर मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर मैहर में रहते हैं, जबकि संबंधित लाइनमैन के भी मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर अपने गांव में रहने की बात कही जा रही है। ऐसे में रात के समय बिजली का फाल्ट होने पर सुधार कार्य में देरी की समस्या सामने आती है। आरोप है कि कई बार रातभर बिजली गुल रहने के बाद अगले दिन सुधार कार्य किया जाता है।

लोड शेडिंग और मेंटेनेंस के नाम पर कटौती का आरोप

उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कई दिनों से लोड शेडिंग और मेंटेनेंस के नाम पर प्रतिदिन करीब तीन घंटे बिजली बंद रखी जा रही है। इसके अलावा दिन-रात बार-बार ट्रिपिंग होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है।

फोन नहीं उठाने की शिकायत, आखिर सुनवाई कब होगी?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली बंद होने या फाल्ट की जानकारी लेने के लिए जब संबंधित जेई और लाइनमैन को फोन लगाया जाता है, तो कई बार फोन नहीं उठाया जाता। कुछ मौकों पर मोबाइल स्विच ऑफ मिलने की भी शिकायत है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति बहाल होने की सही जानकारी नहीं मिल पाती और उनकी परेशानी बढ़ती जाती है।

संतोष त्रिपाठी ने दी घेराव की चेतावनी

घुनवारा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को लेकर समाजसेवी संतोष त्रिपाठी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने मांग की है कि अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए, बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की मुख्यालय में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

संतोष त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और आम जनता को राहत नहीं मिली, तो वे क्षेत्रवासियों के साथ विद्युत मंडल घुनवारा का घेराव करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

अब सवाल यह है कि घुनवारा की बिजली व्यवस्था कब सुधरेगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों पर जिम्मेदार अधिकारी कब ध्यान देंगे? क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएंगे। संबंधित आरोपों पर विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।