*मनगवां में सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, हरिजन बस्ती की महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर*

वार्ड क्रमांक 03 में सुलभ शौचालय की जमीन पर गेट लगाने का मामला गरमाया, नगर परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने उठाया सवाल; डॉ. विष्णुदेव कुशवाहा बोले- सुरक्षा के लिहाज से लगाया गेट, काम शुरू होने पर खाली कर देंगे जमीन

*रीवा/मनगवां*। नगर परिषद मनगवां के वार्ड क्रमांक 03 में सुलभ शौचालय के लिए निर्धारित शासकीय भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय रहवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जमीन पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए इसे अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। आरोप है कि जमीन पर तीन का गेट लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है। मामले को लेकर वार्डवासियों ने नगर परिषद और तहसीलदार को हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र सौंपा है।

इस पूरे मामले में सार्वजनिक सुविधा का सवाल भी उठ रहा है। नगर परिषद अध्यक्ष बुटला बंसल के प्रतिनिधि कमलेश बंसल ने दावा किया है कि वार्ड क्रमांक 03 की हरिजन बस्ती की महिलाएं शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण मलकपुर तालाब में खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। वहीं, जिस व्यक्ति पर जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है, डॉ. विष्णुदेव कुशवाहा ने गेट लगाने के पीछे सुरक्षा को कारण बताया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा काम शुरू कराए जाने पर जमीन खाली कर दी जाएगी।

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हरिजन बस्ती की महिलाओं की परेशानी का मुद्दा उठा

नगर परिषद अध्यक्ष बुटला बंसल के प्रतिनिधि कमलेश बंसल ने बताया कि वार्ड क्रमांक 03 की हरिजन बस्ती में रहने वाले परिवारों के सामने शौचालय की सुविधा का अभाव गंभीर समस्या बना हुआ है। उनके मुताबिक, जिन परिवारों के पास अपने शौचालय नहीं हैं, उनकी महिलाएं और बच्चे खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने विशेष रूप से बस्ती की महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें मलकपुर तालाब में खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है।

कमलेश बंसल ने मांग की कि सुलभ शौचालय के लिए निर्धारित शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर वहां निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि बस्ती के लोगों को बुनियादी सुविधा मिल सके।

डॉ. विष्णुदेव कुशवाहा ने क्या कहा?

मामले में जिस व्यक्ति पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया जा रहा है, उनका पक्ष जानने के लिए जब डॉ. विष्णुदेव कुशवाहा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से गेट लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब नगर परिषद द्वारा वहां निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, तब जमीन खाली कर दी जाएगी।

डॉ. कुशवाहा के इस बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों की बातें सामने आई हैं। जहां स्थानीय रहवासी और जनप्रतिनिधि भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं डॉ. कुशवाहा ने गेट लगाने के पीछे सुरक्षा का कारण बताया है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन भूमि की वास्तविक स्थिति का सीमांकन कराकर विवाद का समाधान किस तरह करता है।

नगर परिषद उपाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों ने भी उठाया मामला

इस मामले में नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रमोद उर्मालिया, वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद राजेंद्र जोगी और वार्ड क्रमांक 12 के पूर्व पार्षद महेंद्र पटेल सहित अन्य लोगों ने भी कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाया है।

इन लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की शासकीय भूमि पर टिन का गेट लगाकर कब्जा किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराने और यदि अतिक्रमण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि प्रशासनिक जांच और सीमांकन के बाद ही हो सकेगी।

वार्डवासियों ने सौंपा शिकायत पत्र, कलेक्टर तक पहुंचा मामला

वार्ड क्रमांक 03 के रहवासियों ने नगर परिषद और तहसीलदार को हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पत्र पर राहुल बंसल, दिलीप बंसल, शंकरलाल, पूनम, चंदन, सुंदर, पवन और लालजी सहित कई स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।

वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष बुटला बंसल ने भी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर को पत्र लिखा है। इससे स्पष्ट है कि शासकीय भूमि और सुलभ शौचालय का मुद्दा अब स्थानीय प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

एसडीएम संजय जैन बोले- जांच के बाद होगा सीमांकन

मामले को लेकर न्यूज़ 24/7 इंडिया के संवाददाता दीपक तिवारी ने मनगवां एसडीएम संजय जैन से फ़ोन पर चर्चा कर प्रशासन का पक्ष जाना।

एसडीएम संजय जैन के कहा की मामले की जांच कराकर और सीमांकन के बाद शासकीय भूमि को खाली कराया जाएगा ।

प्रशासन की ओर से सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

अब शासन-प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मनगवां के वार्ड क्रमांक 03 में शासकीय भूमि को लेकर उठे विवाद में अब दोनों पक्षों के बयान सामने आ चुके हैं। एक ओर वार्डवासी और जनप्रतिनिधि सुलभ शौचालय की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं डॉ. विष्णुदेव कुशवाहा ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से गेट लगाने और नगर परिषद का काम शुरू होने पर जमीन खाली करने की बात कही है।

*इस पूरे विवाद के बीच सबसे अहम सवाल हरिजन बस्ती की महिलाओं और उन परिवारों की सार्वजनिक सुविधा का है, जिनके पास अपने शौचालय नहीं हैं।*

अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन सीमांकन और जांच की प्रक्रिया कब पूरी करता है तथा विवादित भूमि को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है। फिलहाल मामला प्रशासन की कार्रवाई पर टिका हुआ है और स्थानीय लोगों को सुलभ शौचालय की सुविधा बहाल होने का इंतजार है। News 24 ×7 india ✍️ दीपक तिवारी संवाददाता रीवा