लोकेशन - निवाड़ी

*माननीय न्यायालय का एक महत्वपूर्ण फैसला*

*बहुचर्चित पृथ्‍वीपुर नर्स हत्‍याकाण्‍ड के आरोपी को आजीवन कारावास*

*प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई थी विवेचना, भौतिक साक्ष्यों के समावेश से की थी आरोपी की तस्दीक आरोपी रोहित यादव को आजीवन कारावास एवं 10000 रूपये के अर्थदंड से किया दंडित*

*घटना का संक्षिप्त विवरण-* दिनांक 07.02.2022 की सुबह पृथ्वीपुर पुलिस को सूचना मिली कि पृथ्वीपुर मंडी के सामने झाडियों में रोड के किनारे एक महिला की लाश पडी हुई है सूचना की तस्‍दीक करने पुलिस मौके पर पहुंची आस पास पूछताछ करने पर महिला का नर्स आभा तिवारी होना पता चला, जिसकी सूचना घरवालों को दी गयी तत्‍पश्‍चात परिजनों के आने पर थाना पृथ्वीपुर में मर्ग कायम किया गया। मर्ग जॉच उपरांत प्रथम सूचना प्रतिवेदन लेख कर थाना पृथ्‍वीपुर में अपराध क्रमांक 100/22 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी अनिल चतुर्वेदी पर शक होने पर उसे गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गयी जिसमें उसने पूछताछ में अपना जुर्म स्‍वीकार करते हुये मेमोरेण्‍डम कथन दिया और बताया कि आभा तिवारी को पैसे देंने के वहाने बुलवाकर रोहित उर्फ मानवेंन्‍द्र यादव का साथ लेकर मण्‍डी के पास पहले कार से आभा का एक्‍सीडेंट किया, एक्‍सीडेंट के पश्‍चात भी जब आभा की मृत्‍यु नहीं हुयी तो अनिल चतुर्वेदी ने बांस के डण्‍डे से सिर पर दो.तीन बार मारा जिससे उसकी मृत्‍यु हो गयी।

मृतिका के हाथ में मिले आरोपी रोहित उर्फ मानवेंन्‍द्र के बाल, मृतिका के द्वारा आरोपी रोहित के मॅुह को नोचने पर उसे पहुंची चोट सजा का मुख्‍य आधार बना। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्‍यायाधीश प्रथम अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधीश श्री एम०एल० राठौर द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 32/2022 में संपूर्ण विचारण पश्‍चात पारित अपने निर्णय में नर्स आभा तिवारी की हत्‍या के आरोपी रोहित यादव को धारा 302 भाण.दं.सं. में सश्रम आजीवन कारावास की सजा एवं 10000 जुर्माने से दण्डित किया।

सराहनीय भूमिका-* तत्कालीन थाना प्रभारी, वर्तमान थाना प्रभारी पंकज मुद्गल एवं शासन की ओर से पेरबीकर्ता आलोक उपाध्याय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

निवाड़ी से अमित श्रीवास्तव