मानिकपुर से सतना तक ट्रेनों में अवैध वेंडरों का जाल! चुन्नू-मुन्नू पर अवैध कारोबार फैलाने के आरोप, RPF- GRP की भूमिका पर उठे सवाल

मानिकपुर से सतना। मानिकपुर से सतना के बीच चलने वाली ट्रेनों में कथित तौर पर अवैध वेंडरों के जरिए खाद्य सामग्री की बिक्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो सगे भाई चुन्नू और मुन्नू द्वारा मानिकपुर स्टेशन से सतना स्टेशन तक ट्रेनों में अवैध वेंडिंग का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है।

शिकायत और लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, बिना अधिकृत अनुमति के कई वेंडर ट्रेनों के अंदर खाद्य सामग्री बेचते नजर आते हैं। आरोप यह भी है कि इस कथित अवैध कारोबार के पीछे चुन्नू और मुन्नू की भूमिका बताई जा रही है और इससे मोटी रकम कमाई जा रही है।

सबसे गंभीर सवाल RPF और GRP की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं। आरोप लगाने वालों का दावा है कि अवैध वेंडिंग की जानकारी संबंधित रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

ट्रेनों में बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि बिना अनुमति या निर्धारित मानकों के खाद्य पदार्थ यात्रियों को बेचे जा रहे हैं और इससे किसी यात्री की तबीयत बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

यात्रियों का सवाल है कि रेलवे द्वारा अधिकृत वेंडरों के लिए नियम और मानक तय किए गए हैं, तो फिर कथित अवैध वेंडरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों से जांच की मांग

मानिकपुर से सतना तक कथित अवैध वेंडिंग नेटवर्क की निष्पक्ष जांच, ट्रेनों और स्टेशनों पर औचक निरीक्षण तथा अधिकृत-अनधिकृत वेंडरों की जांच की मांग उठ रही है। साथ ही यह भी सवाल है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

अब देखना यह है कि रेलवे के उच्च अधिकारी इस मामले की जांच कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं या मानिकपुर से सतना तक कथित अवैध वेंडिंग का खेल यूं ही चलता रहता है।