लोकसभा निर्वाचन-2024
दिए निर्देश पूरी सावधानी एवं आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन कर करें मतगणना
ग्वालियर 30 मई 2024/ भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें और पूरी सावधानी के साथ प्रत्याशियों के गणना अभिकर्ताओं को संतुष्ट करते हुए ईवीएम में दर्ज मतों व डाक मत पत्रों की गिनती करें। इस आशय के निर्देश मतगणना अधिकारियों के द्वितीय प्रशिक्षण में दिए गए। ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में शामिल ग्वालियर जिले के सभी 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के लिये तैनात किए गए अधिकारियों व कर्मचारियों को गुरूवार को यहाँ जीवाजी विश्व विद्यालय के अटल सभागार में द्वितीय प्रशिक्षण दिया गया।
मतगणना अधिकारियों को ईवीएम में दर्ज मत व डाकमत पत्र गिनने की बारीकियाँ एक बार फिर से सिखाई गईं। मतगणना अमले के साथ-साथ माइक्रो ऑब्जर्वर को भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान वीवीपैट की पर्चियाँ गिनने व उनका महत्व भी बताया गया। अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार जैन एवं सभी विधानसभा क्षेत्रों के एआरओ भी प्रशिक्षण के दौरान मौजूद रहे।
राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री एस बी ओझा ने प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी कि ईव्हीएम की हर गणना टेबल पर एक - एक गणना पर्यवेक्षक, गणना सहायक व माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। इस प्रकार एक टेबल पर तीन अधिकारी तैनात किए जायेंगे। माइक्रो ऑब्जर्वर सीधे निर्वाचन प्रेक्षक को अपनी रिपोर्ट देंगे। डाकमत पत्र की टेबल पर दो गणना सहायक, एक गणना पर्यवेक्षक, एक एआरओ व एक माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे।
ज्ञात हो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित लोकसभा निर्वाचन कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में गत 7 मई को डाले गए मतों की गिनती 4 जून को की जायेगी। मतगणना का काम इस दिन प्रात: 8 बजे से एमएलबी कॉलेज के ए ब्लॉक में शुरू होगा। ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में शामिल शिवपुरी जिले के करैरा (अ.जा.) व पोहरी विधानसभा क्षेत्र के मतों की गिनती शिवपुरी स्थित श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय में होगी।
वीवीपैट की पर्चियाँ गिनने की प्रक्रिया भी बताई
मास्टर ट्रेनर श्री एस बी ओझा ने जानकारी दी कि हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पाँच मतदान केन्द्र के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती अनिवार्यत: की जायेगी। यदि ईवीएम और वीवीपैट के मतों में अंतर सामने आता है तो वीवीपैट की पर्चियों की गणना सही मानी जाएगी। इसी तरह यदि ईवीएम (कंट्रोल यूनिट) पर डिस्प्ले दिखाई नहीं देता है तो उस ईवीएम के वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। यदि किसी मतदान केन्द्र पर मॉक पोल के बाद ईव्हीएम में दर्ज वोटों को क्लीयर न कर वास्तविक मतदान प्रारंभ कर दिया होगा तो ऐसी ईव्हीएम के वीवीपैट की पर्चियों की गणना होगी। लेकिन इस प्रकार के मतदान केन्द्र की वीवीपैट की पर्चियों की गणना तभी की जाएगी जब जीत-हार का अंतर मतदान केन्द्र में डाले गए मतों से कम होगा।
मतगणना में कोई चूक न हो
प्रशिक्षण के दौरान मतगणना अधिकारियों को सचेत किया गया कि पूरी सावधानी के साथ ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती करें, जिससे गणना के दौरान कोई चूक न हो। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री एस बी ओझा ने बताया कि हर गणना चक्र में दो ईवीएम की जाँच मतगणना प्रेक्षक करेंगे। यदि जाँच में अंतर सामने आया तो उस टेबल के गणना स्टाफ को हटा दिया जायेगा। साथ ही स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई भी की जायेगी।

