मुस्लिम युवती ने हिंदू प्रेमी से मंदिर में रचाई शादी, नाराज परिजनों पर अपहरण और मारपीट का आरोप ।

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में अंतरधार्मिक प्रेम विवाह के बाद कथित मारपीट और अपहरण का मामला सामने आया है। यहां मुस्लिम युवती तंजीम मंसूरी ने हिंदू युवक तेजपाल राजपूत के साथ महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया।

आरोप है कि शादी से नाराज युवती के परिजनों ने दोनों को नोटरी कार्यालय के पास घेर लिया। इस दौरान युवक के साथ मारपीट की गई और युवती को कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर ले जाया गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवक ने पुलिस से पत्नी को सुरक्षित वापस लाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यह घटना सोमवार, 26 अक्टूबर को खंडवा शहर के व्यस्त मालीकुआं इलाके में हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने युवक का शिकायती आवेदन जांच में लिया है। पुलिस युवती की तलाश और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।

महादेवगढ़ मंदिर में दोनों ने किया प्रेम विवाह

जानकारी के अनुसार, तेजपाल राजपूत और तंजीम मंसूरी खंडवा जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के रहने वाले हैं। दोनों के बीच पिछले कुछ वर्षों से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है।

दोनों ने परिवार की सहमति नहीं मिलने के बावजूद साथ रहने और विवाह करने का फैसला किया।

सोमवार सुबह करीब 11 बजे दोनों खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया।

शादी के बाद दोनों विवाह संबंधी दस्तावेज तैयार कराने के लिए शहर के मालीकुआं क्षेत्र में स्थित नोटरी कार्यालय पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को पुलिस थाने जाकर अपने बयान दर्ज कराने थे। हालांकि, इससे पहले ही विवाद की घटना हो गई।

नोटरी कार्यालय के पास अचानक पहुंचे परिजन

तेजपाल राजपूत ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि जब वह तंजीम के साथ नोटरी कार्यालय में दस्तावेज तैयार करा रहा था, तभी युवती के परिवार के कई सदस्य वहां पहुंच गए।

युवक के अनुसार, परिजनों ने दोनों को घेर लिया और विवाद शुरू कर दिया। तेजपाल का दावा है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद तंजीम को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया गया।

उसने आरोप लगाया कि परिवार के लोग युवती को सड़क पर घसीटते हुए कुछ दूरी पर खड़ी कार तक ले गए और फिर वाहन में बैठाकर वहां से चले गए। विभिन्न खबरों में मौके पर पहुंचे लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। इसलिए इस संबंध में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

इस पूरे मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फुटेज में कुछ लोग युवक के साथ धक्का-मुक्की करते हुए और युवती को अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, वीडियो से घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि युवती को किन परिस्थितियों में कार में बैठाया गया और घटना के समय उसकी क्या स्थिति थी।

पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। जांच के दौरान संबंधित लोगों की पहचान और घटना के क्रम का सत्यापन किया जा सकता है।

शादी से पहले युवती ने जारी किया था वीडियो

इस मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि तंजीम मंसूरी ने विवाह के बाद कथित तौर पर एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में युवती ने खुद को बालिग बताते हुए कहा था कि उसने तेजपाल के साथ अपनी इच्छा से शादी की है।

उसने यह भी कहा था कि विवाह के लिए उस पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। वीडियो में युवती ने अपने परिवार से तेजपाल और उसके परिजनों को परेशान नहीं करने की अपील भी की थी।

यह बयान मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, पुलिस के समक्ष युवती का स्वतंत्र और वर्तमान बयान दर्ज होना आवश्यक है, जिससे उसकी इच्छा और सुरक्षा की स्थिति स्पष्ट हो सके।

पहले से साथ रहने का दावा तेजपाल के अनुसार, वह और तंजीम लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि दोनों कुछ समय से इंदौर के आसपास साथ रह रहे थे। उन्होंने अपने संबंधों से जुड़े दस्तावेज भी तैयार कराए थे। युवक का दावा है कि दोनों ने आपसी सहमति से साथ रहने का फैसला किया था।

दूसरी ओर, युवती के परिजनों की ओर से पहले छैगांवमाखन पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों की शिकायतों और दस्तावेजों की जांच करने की चुनौती है।

पुलिस थाने पहुंचकर युवक ने लगाई गुहार

घटना के बाद तेजपाल राजपूत पुलिस थाने पहुंचा और अपनी पत्नी को वापस लाने की मांग की। वह कुछ स्थानीय हिंदू संगठन के पदाधिकारियों के साथ थाने पहुंचा था।

तेजपाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि युवती के परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को जबरन ले गए। युवक ने पुलिस को विवाह संबंधी तस्वीरें, वीडियो और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात भी कही है। महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल भी इस मामले में युवक के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने विवाह को दोनों की सहमति से हुआ बताया और युवती को इस तरह ले जाने पर सवाल उठाए।

पुलिस ने शुरू की जांच, युवती की तलाश जारी

मामले में पुलिस ने युवक के आवेदन को जांच में लिया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी दुर्गेश अर्नो ने बताया कि पुलिस युवती का पता लगाने का प्रयास कर रही है और उसके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।

पुलिस युवती का बयान दर्ज करने के बाद घटना की परिस्थितियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल अपहरण और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए युवक द्वारा लगाए गए आरोपों को जांच में सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।

बालिगों के विवाह और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सवाल

इस घटना ने बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से विवाह करने के संवैधानिक अधिकार को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट भी विभिन्न फैसलों में स्पष्ट कर चुका है कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार है।

हालांकि, किसी विवाह की कानूनी वैधता संबंधित कानून, आयु और आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है। केवल नोटरी का शपथपत्र अपने आप विवाह का प्रमाण नहीं होता। ऐसे मामलों में पुलिस की प्राथमिकता संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उसकी स्वतंत्र इच्छा जानना होना चाहिए।

युवती के बयान से स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

खंडवा में सामने आया यह मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है। तेजपाल राजपूत ने अपनी पत्नी के अपहरण और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन युवती के परिवार का विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

पुलिस के लिए युवती का पता लगाना, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और बिना दबाव उसका बयान दर्ज करना सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, विवाह संबंधी दस्तावेज और दोनों पक्षों के बयानों की जांच से घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।अब सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। जांच के बाद ही तय होगा कि संबंधित लोगों के खिलाफ कौन-कौन सी कानूनी धाराएं लागू होती हैं।

शालिनी शर्मा को रिपोर्ट