नहीं रहे कूनो के 'रॉकस्टार': नामीबियाई चीते गौरव की इलाज के दौरान मौत
श्योपुर/भोपाल: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। नामीबियाई मूल के 10 वर्षीय नर चीते गौरव (एल्टन) की सोमवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। गौरव कूनो में मौजूद चीतों में सबसे उम्रदराज था। उसे 12 सितंबर को बीमार हालत में रेस्क्यू कर क्वारंटाइन बोमा में भर्ती कराया गया था। 9 दिनों तक चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। गौरव और उसके जुड़वां भाई फ्रेडी (शौर्य) की जोड़ी को कूनो में लोग प्यार से 'रॉकस्टार' कहते थे। दोनों साथ में घूमते थे और साथ ही शिकार करते थे। शौर्य की 16 जनवरी 2024 को पहले ही मौत हो चुकी है।
आगे बढ़ा गए अपनी विरासत गौरव भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहा, लेकिन उसकी 5 संतानें कूनो के जंगल में उसकी विरासत को आगे बढ़ाएंगी।
2022 में नामीबिया से आए 8 चीतों में से 6 की हो चुकी है मौत कूनो नेशनल पार्क में सितंबर 2022 में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों में से अब तक 6 की मौत हो चुकी है। मौतों का सिलसिला 27 मार्च 2023 को साशा की किडनी की बीमारी से शुरू हुआ। इसके बाद 2 अगस्त 2023 को धात्री (संक्रमण), 16 जनवरी 2024 को शौर्य (कमजोरी) और 27 अगस्त 2024 को पवन की पानी में डूबने से मौत हो गई। 12 जुलाई 2025 को नाभा ने शिकार के दौरान लगी चोटों से दम तोड़ा। हाल ही में 21 सितंबर 2026 को कूनो के सबसे उम्रदराज चीते गौरव की भी किडनी में संक्रमण की आशंका के कारण इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
मौत के समय पर उठे सवाल वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने 19 सितंबर को सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर गौरव की हालत बेहद नाजुक होने का दावा किया था। वहीं, सूत्रों का कहना है कि गौरव की मौत 16 या 17 सितंबर को ही हो गई थी और उसके शव को डीप फ्रीजर में रखा गया था।
