पांच दिन में मिला जमीन पर कब्जा, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान से 7 ग्रामीणों को बड़ी राहत
कलेक्टर आशीष तिवारी की पहल पर राजस्व अमले ने गांव पहुंचकर किया त्वरित निराकरण, दो अन्य मामलों में सीमांकन के बाद बनी सहमति
कटनी। अपनी ही जमीन पर कब्जा पाने के लिए लंबे समय से परेशान ग्रामीणों के लिए मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान राहत और उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। कलेक्टर आशीष तिवारी की पहल पर ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम तिलमन में महज पांच दिनों के भीतर सात ग्रामीणों को उनकी भूमि पर वास्तविक कब्जा दिलाया गया। वहीं, दो अन्य प्रकरणों में सीमांकन के बाद संबंधित पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई।
जानकारी के अनुसार, ढीमरखेड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान ग्राम तिलमन के ग्रामीणों ने कलेक्टर आशीष तिवारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर अपनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की थी। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार ढीमरखेड़ा नितिन पटेल को मौके पर जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम ग्राम तिलमन पहुंची और प्राप्त नौ आवेदनों का निराकरण किया। कार्रवाई के दौरान सात आवेदकों को उनकी भूमि पर मौके पर ही कब्जा दिलाया गया। लंबे समय से अपनी जमीन पर हक मिलने का इंतजार कर रहे ग्रामीणों के लिए यह बड़ी राहत साबित हुई।
इन सात ग्रामीणों को मिला जमीन पर कब्जा
तहसीलदार नितिन पटेल के अनुसार, कब्जा प्राप्त करने वालों में शंकर पिता छुटैया कोल, सत्यावती पति सीताराम दहायत, नीमा बाई पति कालू कोल, रेखा बाई पति संतलाल कोल, कमला बाई पति रामजी कोल, कपसा बैया पति मंगल गौड़ और सुमन बाई पति मनसुख कोल शामिल हैं।
दो अन्य मामलों में भी बनी सहमति
शेष दो प्रकरणों में कुसुम बाई एवं ज्ञान बाई का अनावेदक पक्षों के साथ कब्जे की जगह को लेकर विवाद था। राजस्व अमले द्वारा सीमांकन की कार्रवाई के बाद दोनों मामलों में संबंधित पक्ष अपने-अपने निर्धारित स्थान पर काबिज होने के लिए सहमत हो गए।
इस तरह मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के माध्यम से महज पांच दिनों में नौ आवेदनों का निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुंचाई गई। प्रशासन की इस त्वरित पहल से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। अभियान ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता से काम करे तो आम लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान भी कम समय में संभव है।
