# राजस्थान की तर्ज पर बिहार सरकार भी वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को अधिकार दे
दानापुर (पटना), 26 अक्टूबर 2026, भूतपूर्व सैनिक विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल (डॉ.) देव आनंद लोहमरोड़ के नेतृत्व में सोमवार सुबह 10 बजे दानापुर , पटना में एक प्रेस गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व सैनिकों एवं सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया। गोष्ठी में बिहार में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से जुड़े अधिकारों, सम्मान, रोजगार तथा न्याय के मुद्दों पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार सरकार से राजस्थान की तर्ज पर सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए आवश्यक नीतिगत एवं कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग की।
प्रेस गोष्ठी में कर्नल (डॉ.) देव आनंद लोहमरोड़ ने बिहार में सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी लेते हुए उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान, सुरक्षा तथा न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से सैनिक समुदाय की समस्याओं को गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
गोष्ठी में मुजफ्फरपुर निवासी सूबेदार नरेंद्र कुमार ठाकुर के साथ हुई मारपीट का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने घटना के बाद उचित कानूनी कार्रवाई में कथित देरी पर चिंता व्यक्त की और घायल पूर्व सैनिक को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कर्नल लोहमरोड़ ने कहा कि पूर्व सैनिकों के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि इस मामले को उठाने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू हो सकी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजस्थान की तर्ज पर बिहार में भी ऐसा कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग की, जिसके तहत सैन्य सेवा के दौरान किसी भी परिस्थिति में मृत्यु होने पर पात्र सैनिक के आश्रित परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित करने वाले सैनिकों के परिवारों को संकट की घड़ी में आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने बिहार सरकार से वीर नारियों और दिवंगत सैनिकों के आश्रित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कम आयु में सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अनेक पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी कार्य करने में सक्षम होते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल पाते। उन्होंने बिहार सरकार से सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए उचित आरक्षण तथा रोजगार संबंधी प्रावधान सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि वे अपनी योग्यता और अनुभव का उपयोग करते हुए सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित कर सकें और 60 वर्ष की आयु तक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
प्रेस गोष्ठी में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों की शिकायतों के समाधान के लिए बिहार में **सैनिक आयोग** गठित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। कर्नल लोहमरोड़ ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, सम्मान तथा कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए एक समर्पित संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य और जिला स्तर पर पूर्व सैनिक अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा आयोग को शिकायतों की सुनवाई, संबंधित विभागों के साथ समन्वय और पीड़ित सैनिक परिवारों को न्याय दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए आवश्यक अधिकार दिए जाएं।
समिति के सदस्यों ने कहा कि सैनिक देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं, सम्मान और उनके परिवारों के अधिकारों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रेस गोष्ठी का उद्देश्य सैनिक समुदाय की समस्याओं को सामने लाना तथा उनके समाधान के लिए बिहार सरकार, संबंधित अधिकारियों और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना रहा।
