रेल यात्री! जबलपुर में यात्रियों की सेहत से बड़ा खिलवाड़! बाथरूम के पानी से धुल रही थीं सब्जियां, सिद्धी विनायक रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग की दबिश से मचा हड़कंप

जबलपुर। रेल यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जबलपुर के सिविल लाइंस स्थित सिद्धी विनायक रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी की तो रसोई की ऐसी हकीकत सामने आई, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोप है कि यहां सब्जियां धोने के लिए बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था। रसोई में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देखकर यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बाथरूम का पानी और गंदगी के बीच तैयार हो रहा था खाना!

जांच के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई में साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी सामने आई। सब्जियां धोने में बाथरूम के पानी के उपयोग की स्थिति ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। रेलवे स्टेशन के नजदीक होने के कारण यहां से तैयार भोजन के पैकेट ट्रेनों और स्टेशन परिसर में यात्रियों तक पहुंचाए जाते थे। ऐसे में सवाल यह है कि जिस भोजन के लिए यात्री अपनी जेब से पैसे खर्च करते हैं, उसकी स्वच्छता की जिम्मेदारी आखिर कौन निभा रहा था?

खाद्य विभाग ने जब्त किए सैंपल, संचालक को नोटिस

मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सामग्री और तैयार भोजन के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। वहीं रेस्टोरेंट संचालक को अस्वच्छता और लापरवाही के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की ओर से लाइसेंस निरस्त करने और एफआईआर की कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।

सबसे बड़ा सवाल: रेल यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन?

इस कार्रवाई ने रेलवे स्टेशन के आसपास संचालित भोजनालयों और यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्थाओं की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर यात्रियों को मिलने वाले भोजन की नियमित जांच क्यों नहीं होती? क्या अन्य भोजनालयों में भी इसी तरह स्वच्छता के नियमों की अनदेखी हो रही है?

अब देखना होगा कि खाद्य विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ नोटिस और सैंपल तक सीमित रहती है या दोषी पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ वास्तव में कठोर कार्रवाई भी होती है।