*रीवा में नशे के खिलाफ डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला की बड़ी समीक्षा बैठक,* 1600 गिरफ्तार, 13 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त कोरेक्स, एमडी ड्रग्स और मेडिकल नशे की सप्लाई चेन पर प्रहार करने के निर्देश, युवाओं के पुनर्वास के लिए बनाए जाएंगे नशा मुक्ति केंद्र *रीवा*। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मंगलवार को रीवा में जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ नशे की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, मेडिकल नशे की सप्लाई, अब तक की गई कार्रवाई और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अब तक लगभग एक हजार एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए गए हैं और करीब 1600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों में लगभग 13 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी और परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वाहनों को भी जब्त किया गया है। *गूगल पर नशे को लेकर चर्चा, अब सप्लाई चेन पर कार्रवाई का लक्ष्य* रीवा के विभिन्न क्षेत्रों में नशे के कारोबार को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और इंटरनेट पर रीवा को नशे से जोड़कर की जा रही चर्चाओं के बीच इस समीक्षा बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन पर प्रहार करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को कोरेक्स, एमडी ड्रग्स और अन्य मादक पदार्थों की उपलब्धता के स्रोतों का पता लगाने तथा इनके नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अमित शाह के संकल्प के अनुरूप नशे के खिलाफ अभियान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य व्यक्त किया गया है। इसी दिशा में मध्य प्रदेश में भी नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भोपाल स्थित वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसमें उप मुख्यमंत्री, नारकोटिक्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास की भी तैयारी उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की चपेट में आए युवाओं को सामान्य जीवन में वापस लाना भी जरूरी है। इसके लिए आने वाले समय में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की योजना है, जहां प्रभावित युवाओं के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। इन केंद्रों के संचालन में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), पत्रकारों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने की भी योजना है, ताकि नशे के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास का अभियान भी चलाया जा सके। उत्तर प्रदेश से आने वाले मेडिकल नशे पर भी नजर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश में आने वाली मेडिकल नशे की खेपों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एनडीपीएस अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में नशीले पदार्थों की सप्लाई के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई होने से मध्य प्रदेश में भी मेडिकल नशे की आपूर्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। *कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी रहेगा जोर* रीवा में हुई इस समीक्षा बैठक के जरिए प्रशासन और पुलिस को नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने तथा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया गया है। अब देखना होगा कि दर्ज मामलों, गिरफ्तारियों और जब्ती की कार्रवाई के बाद जिले में नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर कितना प्रभाव पड़ता है और प्रस्तावित नशा मुक्ति केंद्र युवाओं के पुनर्वास में कितनी भूमिका निभाते हैं। News 24×7 India Deepak Tiwari district reporter Rewa