संयुक्त राष्ट्र दिवस पर आयोजित 'चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन' में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आतंकवाद को शांति के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद को राज्य नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करना पूरी तरह अस्वीकार्य है. जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद को न तो सही ठहराया जा सकता है और न ही इसके लिए कोई तर्क दिया जा सकता है.