पेपर कप निर्माण से हर माह कर रहीं हैं 60 से 70 हजार रुपये की बचत
20 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया व्यवसाय, समय से पहले चुकाया पूरा कर्ज
ग्वालियर 10 अक्टूबर 2026/ दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा सकता है। इसका उदाहरण श्रीमती अनीता नेगी हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के माध्यम से ऋण लेकर पेपर कप निर्माण का व्यवसाय शुरू किया और आज अपने पैरों पर खड़ी हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में 20 लाख रुपये का ऋण लेकर अपना व्यवसाय स्थापित किया। हाल ही में उन्होंने पेपर कप निर्माण की दो यूनिट शुरू की हैं और एक महीने पहले ही पूरा ऋण भी चुका दिया है। श्रीमती अनीता नेगी ने अपने घर में ही पेपर कप निर्माण की यूनिट स्थापित की है। इससे उन्हें व्यवसाय के लिए अलग से जगह किराए पर नहीं लेनी पड़ती और किराये का खर्च भी बचता है। उनकी यूनिट में पेपर कप बनाने के लिए आवश्यक पेपर रोल तथा कप के ऊपरी और निचले हिस्से के लिए बॉटम सामग्री मथुरा या आगरा से मंगाई जाती है। मशीन में पेपर रोल फिट करने के बाद स्वचालित प्रक्रिया से कप और दोने तैयार किए जाते हैं। इसके बाद कर्मचारी तैयार उत्पादों की गिनती कर उनकी पैकिंग करते हैं। स्थानीय बाजार में मांग के अनुसार पेपर कप और दोनों की आपूर्ति की जाती है। इस प्रकार उन्होंने अपने व्यवसाय को बाजार की जरूरतों से जोड़कर आगे बढ़ाया है।
कर्ज चुकाने के बाद भी हर माह हो रही अच्छी बचत
श्रीमती अनीता नेगी ने मेहनत और व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय संचालित करते हुए ऋण की अदायगी पूरी कर ली है। व्यवसाय से होने वाली आय में से संचालन संबंधी खर्च और ऋण की किस्तें चुकाने के बाद उन्हें प्रतिमाह लगभग 60 से 70 हजार रुपये की बचत होती है। घर में ही यूनिट स्थापित होने से उन्हें किराये का अतिरिक्त भार भी नहीं उठाना पड़ता। श्रीमती अनीता नेगी की यह सफलता बताती है कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से प्राप्त आर्थिक सहायता का सदुपयोग कर व्यक्ति अपना व्यवसाय स्थापित कर सकता है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है। उनका प्रयास अन्य लोगों के लिए भी स्वरोजगार अपनाने की प्रेरणा है।
सही दिशा में की गई मेहनत विफल नहीं होती
श्रीमती अनीता नेगी ने कहा है कि सही दिशा में मेहनत की जाए तो विफलता नहीं मिलती। सफलता अवश्य मिलती है। श्रीमती नेगी ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान रौरा में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के समक्ष प्रधानमंत्री रोजगार योजना के माध्यम से किस प्रकार उन्होंने अपना व्यवसाय स्थापित किया इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने यह बात कही। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने श्रीमती नेगी से कहा कि जिस प्रकार आपने अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित किया है, उसी प्रकार अन्य महिलाओं को भी इसके लिये प्रेरित करें।
