लोकेशन - कोटा, राजस्थान
रिपोर्ट - निश्चल शर्मा
*शिक्षा संवाद कार्यक्रम*
*समाज को दिशा देने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण*
*शिक्षक का जीवन दूसरों के लिए आदर्श ऐसे में नैतिक मूल्य बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी*
*-शिक्षा मंत्री*
कोटा, 12 अप्रेल। शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने और व्यक्तित्व का निर्माण करने का कार्य करते हैं। सर्वश्रेष्ठ राजनेता, उद्योगपति, विधिवेत्ता, वैज्ञानिक के साथ ही श्रेष्ठ नागरिकों को तैयार करने का कार्य एक शिक्षक द्वारा किया जाता है। किसी भी व्यक्ति के लिए उसके जीवन एवं व्यक्तित्व को संवारने वाला शिक्षक सर्वाधिक सम्माननीय होता है। ऐसे में यह शिक्षकों का दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि सर्वश्रेष्ठ नागरिक तैयार करने के इस पुनीत कार्य में किसी तरह की न्यूनता नहीं आए। हमारे विद्यालय सर्वश्रेष्ठ हों और शिक्षक के पद की गरिमा ऊंचाईयों पर पहुंचे यह सभी का प्रयास होना चाहिए।
श्री दिलावर रविवार को सियाम ऑडिटोरियम में शिक्षा संवाद कार्यक्रम में कोटा एवं बूंदी जिलों के 627 प्रधानाचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक का जीवन विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों के लिए आदर्श होता है। दूसरे हमेशा उनसे सीखते हैं ऐसे में सार्वजनिक जीवन में भी उन्हें नैतिकता के मापदंडों पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालय का मुखिया होता है ऐसे में उन्हें भी समय की पाबंद के ध्यान रखते हुए अपने व्यवहार और हाव-भाव से दूसरों को प्रेरणा देने वाला होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों का संचालन करने वाले प्रधानाचार्यों से बात करने और उनके सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक अपनी भूमिका अच्छे से निभाए तो उसे विद्यार्थियों द्वारा जीवन भर याद रखा जाता है। शिक्षक सिर्फ मानदेय या वेतन के लिए नहीं कार्य करने वाले कर्मचारी नहीं बल्कि समाज को दिशा देने वाली भूमिका से अपने आपको परखें।
*पूर्व छात्रों को विद्यालय से जोड़ें*
शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्यों को सुझाव दिया कि सभी अपने विद्यालय में पढ़ चुके पूर्व छात्रों की सूची बनाकर एलुमनाई मीट में उन्हें बुलाएं। उन्होंने कहा कि आपके विद्यालय से पढ़े हुए छात्र कहीं अच्छे राजनेता, प्रोफेसर, उद्योगपति, वैज्ञानिक एवं सफल बिजनेसमैन बन चुके होंगे। उन्हें एलुमनाई मीट में बुलाएं और मुझे पक्का विश्वास है कि वह आपके विद्यालय के भवन, कमरे, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास रूम एवं अन्य सुविधाओं के लिए आगे बढ़कर सहयोग करेंगे क्योंकि उस विद्यालय में प्राप्त शिक्षा से ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी भामाशाहों का सहयोग लेने के लिए कहा।
*नशामुक्ति की दिशा में सहयोग दें*
श्री दिलावर ने कहा कि सभी विद्यालय नशा मुक्ति बने और विद्यालयों के आसपास के क्षेत्र में भी कोई गुटखा बीड़ी का सेवन नहीं करें इसके लिए सभी को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि शराब पीने गुटखा खाने और तंबाकू खाने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करें।
*प्रवेश के समय बच्चों के अच्छे नाम सुझाएं*
श्री दिलावर ने कहा कि हाल ही में प्रवेशोत्सव मनाया गया जिसमें कई बच्चों के नाम स्कूलों में जोड़े गए हैं। प्रधानाचार्य इस बात पर जरूर ध्यान दें कि यदि किसी बच्चे का नाम सुनने में अच्छा नहीं लगे और भविष्य में उसे उससे उस बच्चे के मन में शर्मिंदगी का भाव आए, ऐसा लगने पर अभिभावकों को जरूर समझाएं कि बच्चे के लिए कोई अच्छा नाम चुनें।

