*विरोध में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल ने बडोरा ब्रिज पर किया चक्काजाम*
विशाल भौरासे रिपोर्टर
बैतूल। जिला मुख्यालय पर अवैध अतिक्रमण का मुद्दा लगातार गर्माता ही जा रहा है विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने विशेष समुदाय द्वारा किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। शनिवार को विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। विहिप बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बडोरा ब्रिज पर चक्काजाम कर जिला प्रशासन के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने की बात कही। वहीं शीघ्र अति शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाए जाने की स्थिति में उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि बैतूल बाजार, आठनेर जाने वाले मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने वाहनों की आवाजाही रोक दी, इससे यहां लंबा जाम लग गया था। गौरक्षा प्रमुख और विभाग संयोजक बजरंग दल कृष्णकांत गांवडे ने बताया कि एक विशेष समुदाय लैंड जिहाद के नाम पर जमीनों पर अतिक्रमण कर रहा है। अवैध अतिक्रमणों को हटाए जाने की मांग को लेकर विहिप ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन प्रसाशन ने अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया है। इसके विरोध में बडोरा ब्रिज पर चक्काजाम कर दिया।
--प्रदर्शन के दौरान हनुमान चालीसा पाठ किया--
विहिप कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम करने के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रभु श्री राम की आरती की। गौरक्षा प्रमुख और विभाग संयोजक बजरंग दल कृष्णकांत गांवडे ने बताया कि प्रशासन ने संगठन को 25 सितम्बर तक अतिक्रमण हटाए जाने का आश्वासन दिया है। यदि इसके बाद भी प्रशासन द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
-लगाए गंभीर आरोप--
जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में विहिप बजरंग दल संगठन द्वारा विशेष समुदाय के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हिंदुओं की हर ख़ाली जगह पर कब्ज़ा किया जा रहा है। किसी भी खाली जगह पर कब्जे के पहले वहां मजार बनाकर या छोटा सा टपरा रख कर कब्जा फिर उस कब्जे की आड़ में धीरे से पक्का निर्माण। निर्माण को हटाने के लिए यदि उस संपत्ति का मालिक कहता है तो उससे विवाद करना या उससे ही उसकी संपत्ति के कागजात दिखाने को कहकर विवाद करना और बहुत भीड़ इकट्ठी करके दबाव बनाया जाता है। इसी तरह यदि सरकारी संपत्ति पर क़ब्ज़ा किया हो तो वहां भी विवाद खड़ा कर या अपनी गरीबी का रोना रोकर उस जगह का पट्टा हासिल करना या उस जगह के बदले कोई अन्य जगह का पट्टा हासिल करना और फिर उस जगह के हमेशा के लिए मालिक बन जाने की मंशा रखी जाती है। हिन्दूओं को दबाने के लिए हमेशा भीड़ तंत्र का सहारा लेना इनका मुख्य अस्त्र है। भीड़ हमेशा शस्त्र और पूरे असले के साथ होती है। विवाद की स्थिति में तुरंत यह चाकू तलवार या अन्य नुकीली चीजें दिखाकर डराना, आधे हिंदू तो यह सब देखकर ही भाग खड़े होते हैं। अपनी झूठी और गलत बातों को यह भीड़ इकट्ठी करके और दबाव बनाकर सही साबित करने की कोशिश करते हैं। समुदाय के अधिकतर युवा या तो कोई काम नहीं करते या फिर कबाड़ी मिस्त्री हैं, हिंदू युवतियों पर आते जाते फब्तियां कसते हैं आए दिन छेड़छाड़ करते हैं जिसे बहुसंख्यक हिंदू हमेशा नज़रअंदाज़ करता है। यह सब स्थितियां आने वाली पीढ़ी और जिले के लिए बहुत भयावह होगी। संगठन का कहना है इस मुद्दे पर अभी तुरंत जागने और कार्यवाही की जरूरत है। अभी वह हिन्दुओं की तुलना में कम है तो यह हाल है जब इनकी संख्या बढ़ गई तो हाल बेकाबू हो जाएंगे। यह लोग मारकाट हत्या आदि करने से तनिक भी नहीं घबराते हैं और भारतीय संविधान में इनकी तनिक भी आस्था नहीं है।
