2026 मक्का समझौता: इस्लामिक नाटो की दस्तक या बदलती पश्चिम एशियाई शक्ति-समीकरण की नई पटकथा?
लेखक: कर्नल (डॉ.) देव आनंद लोहामारोड़
रक्षा एवं सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ
7 अगस्त 2026 को मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच हुआ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। समझौते का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह प्रावधान तत्काल नाटो के सामूहिक रक्षा सिद्धांत की याद दिलाता है और इसी कारण कुछ विश्लेषक इसे “इस्लामिक नाटो” या “सुन्नी नाटो” की शुरुआ
जयपुर में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सौर ऊर्जा प्रशिक्षण कैप्सूल का समापन
27 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित, रोजगार से जोड़ने के प्रयास जारी
जयपुर, 8 अगस्त। जयपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित मानेकशॉ हॉल में पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के कौशल विकास के लिए आयोजित दो सप्ताह के सौर ऊर्जा संचालन प्रणाली प्रशिक्षण कैप्सूल का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन एडब्ल्यूपीओ जयपुर एवं मुख्यालय 61 सब एरिया के तत्वावधान में सहयोग केयर फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से किया गया।
27 जुलाई से 8 अगस्त तक चले इस प्रशिक्षण में 22 पूर्व सैनिकों एवं 5 वीर नारियों सहित कुल 27 प्रतिभागियों ने प्रशिक
क्षितिज पर एक नया राष्ट्र? बलूचिस्तान की स्वतंत्रता घोषणा और दक्षिण एशिया की भू-राजनीति
लेखक: कर्नल (डॉ.) देव आनंद लोहमरोड़
रक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक
बलूचिस्तान का प्रश्न अब एक नए और संभावित रूप से निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। जब बलूच राष्ट्रवादी संगठन 11 अगस्त 2026 को बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने की तैयारी कर रहे हैं, तब स्वतंत्र एवं संप्रभु बलूचिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने की उनकी मांग दक्षिण एशिया के सबसे लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय और राजनीतिक विवादों में से एक को फिर केंद्र में ले आई है। जो प्रश्न अब तक मुख्यतः पाकिस्तान के आंतरिक
हर घर तिरंगा से पहले कश्मीर की सरहदों पर लहराया था तिरंगा...
लेखक: चौधरी नजीर पॉड
यूथ प्रेसिडेंट, जम्मू-कश्मीर
इंटरनेशनल गुर्जर महासभा (IGM)...
आज जब पूरा देश ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रध्वज के प्रति अपने सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को अभिव्यक्त कर रहा है, तब कुछ वर्ष पीछे मुड़कर कश्मीर की उन पहाड़ियों और सीमावर्ती गांवों को याद करना भी जरूरी है, जहां तिरंगे को घर-घर तक पहुंचाने की एक जमीनी यात्रा बहुत पहले शुरू हो चुकी थी। यह किसी सरकारी अभियान के श्रेय का दावा नहीं, बल्कि उस अनलिखे इतिहास का स्मरण है, जिसमें राष्ट्रध्वज को सामान्य नागरिक के घर तक पहुंचाने के लिए
हर घर तिरंगा अभियान: जोबीकला, मड़ई और डिठवारा में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, गूंजे देशभक्ति के नारे
कटनी, 11 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत कटनी विकासखंड के सेक्टर कन्हवारा अंतर्गत नवांकुर संस्था बारडोली वेलफेयर सोसाइटी द्वारा ग्रामवासियों के सहयोग से जोबीकला, मड़ई और डिठवारा में सोमवार को एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
तिरंगा यात्रा ग्राम भ्रमण करते हुए मुख्य मार्गों से निकाली गई। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे प्रतिभागियों ने “भ
बरगंवा में लाल पहाड़ी की छाती छलनी: LIC बिल्डिंग के पीछे दिनदहाड़े चल रहा अवैध मुरुम खनन, खनिज विभाग पर उठे सवाल
बरगंवा। शहर के बीचों-बीच स्थित LIC बिल्डिंग के पीछे लाल पहाड़ी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध मुरुम खुदाई और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां दिन के उजाले में मजदूर लगाकर मुरुम की खुदाई की जा रही है, फिर उसे एक स्थान पर इकट्ठा कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से दूसरे स्थानों पर डंप किया जा रहा है, जहां से आगे ट्रकों द्वारा बड़े पैमाने पर परिवहन की तैयारी की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टरों की आवाजाही लगातार