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01स्पेन से उठी चेतावनी: क्या भारत की सीमाओं पर भी मंडरा रहा है हाइब्रिड आक्रमण का खतरा?
स्टेट ब्यूरो हेड लेखक: कर्नल (डॉ.) देव आनंद लोहमरोड़ आधुनिक युद्धों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब किसी राष्ट्र को केवल टैंकों, मिसाइलों या नियमित सेनाओं के माध्यम से चुनौती नहीं दी जाती, बल्कि साइबर हमलों, दुष्प्रचार, आर्थिक दबाव, मानव तस्करी, संगठित अवैध प्रवासन और सामाजिक अस्थिरता जैसे अनेक साधनों का संयुक्त उपयोग भी किया जाता है। रक्षा एवं सामरिक अध्ययन की भाषा में इसे हाइब्रिड युद्ध कहा जाता है। इस प्रकार के संघर्ष का उद्देश्य केवल सीमा भेदना नहीं, बल्कि प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर लंबे समय तक दबाव बनाए रखना होता है। राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ
वीर नारियों के लिए रोजगार कानून की मांग को मिला व्यापक समर्थन, भूतपूर्व सैनिक विकास समिति का 12 दिवसीय जम्मू-कश्मीर एवं कारगिल मिशन संपन्न…
इश्तियाक चौधरी की रिपोर्ट जम्मू, 3 जुलाई। भूतपूर्व सैनिक विकास समिति का राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद लोहमारोर के नेतृत्व में जम्मू, कश्मीर एवं कारगिल का 12 दिवसीय जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अभियान के दौरान समिति की ओर से सेवा के दौरान किसी भी कारण से दिवंगत होने वाले सैनिकों की वीर नारियों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान करने संबंधी कानून बनाने की मांग को सेना, भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों, नागरिक समाज एवं मीडिया का व्यापक समर्थन मिला। प्रतिनिधिमंडल में जम्मू-कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राजेंद्र कुमार शर्मा (कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र एवं
ऑपरेशन महादेव: जब भारत ने पहलगाम के गुनहगारों का अंत किया
स्टेट ब्यूरो रिपोर्ट उपशीर्षक: जहाँ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने सीमा पार रणनीतिक प्रतिरोधी क्षमता स्थापित की, वहीं ‘ऑपरेशन महादेव’ ने न्याय को उसकी तार्किक परिणति तक पहुँचाया। कर्नल देव आनंद लोहामरोर (सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ)… 5 जुलाई 2025 को मिली एक बड़ी कामयाबी ने कश्मीर घाटी में हफ्तों से छाए तनावपूर्ण सन्नाटे को तोड़ दिया। सुरक्षा बलों को एक सटीक और पुख्ता खुफिया जानकारी (एक्शनेबल इंटेलिजेंस) मिली, जिसने पहलगाम नरसंहार के लिए जिम्मेदार और बेहद चालाकी से छिपे आतंकी सेल की सटीक लोकेशन को उजागर कर दिया। इस निर्णायक डेटा के आधार पर, लक्षित क्षेत्र की तुरंत घेराबंदी कर दी गई।
सिनेमाई कक्षा: स्कूलों को बच्चों को 'देखना' क्यों सिखाना चाहिए..
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखिका: डॉ. नेहा लोहमरोड़ (संस्थापक एवं निदेशक: कोष फाउंडेशन)… क्या हो यदि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबें पढ़ना सिखाना न होकर, उन्हें इस दुनिया को पढ़ना सिखाना बन जाए? एक शिक्षिका के रूप में, मैं अक्सर यह सोचती हूँ कि क्या हमारे स्कूल बच्चों को उन जटिल वास्तविकताओं के लिए पर्याप्त रूप से तैयार कर रहे हैं जो उन्हें भविष्य में विरासत में मिलने वाली हैं। हम उन्हें गणित, विज्ञान और भाषाएं तो सिखाते हैं, लेकिन क्या हम उन्हें अपने से अलग लोगों के जीवन को बारीकी से देखना, उनके प्रति सहानुभूति रखना, सवाल पूछना और उन्हें समझना सिखाते हैं? इस तेजी से
महाराणा प्रताप आज भी राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत : कर्नल देव आनंद लोहमारोड़…
स्टेट ब्यूरो हेड प्रियंका माली की रिपोर्ट जयपुर, 17 जून। मेवाड़ की आन, बान और शान, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती प्रताप नगर स्थित प्रताप चौक पर श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। घुमंतू जाति उत्थान न्यास एवं हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मुख्य अतिथि भूतपूर्व सैनिक विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद लोहमारो
समय की रेत पर राष्ट्रभक्ति के हस्ताक्षर: जम्मू-कश्मीर के घुमंतू गुर्जर-बकरवाल समाज की दास्तान…
डिविजन चीफ इश्तियाक चौधरी की रिपोर्ट द्वारा: कर्नल देव आनंद गुर्जर सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ…. जम्मू-कश्मीर की वादियों में जब ऋतुएं बदलती हैं, तो पहाड़ों की खामोशी को तोड़ती एक प्राचीन लय गूंजने लगती है। यह लय है उन लाखों पैरों की, जो सदियों से जम्मू के मैदानों से लेकर कारगिल, उड़ी, पुंछ, कुपवाड़ा और गांदरबल की दुर्गम ऊंचाइयों तक हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हैं। लेकिन आज जब पूरी दुनिया आधुनिक विकास, चमचमाती सड़कों, बिजली, पानी और डिजिटल शिक्षा का आनंद ले रही है, तब इस धरती के 'प्राकृतिक स्पीड ब्रेकर' कहे जाने वाले घुमंतू गुर्जर-बकरवाल समाज का जीवन आज भी घोड़ों और खच्
गलवान के छह वर्ष: ऐतिहासिक संघर्ष जिसने भारत-चीन सीमा गतिशीलता को नया आकार दिया
स्टेट ब्यूरो हेड प्रियंका माली की रिपोर्ट 15 जून 2020 की रक्तरंजित रात से 2026 तक—कैसे गलवान ने भारत की सैन्य रणनीति, सीमा सुरक्षा नीति और चीन के प्रति राष्ट्रीय दृष्टिकोण को स्थायी रूप से बदल दिया लेखक: कर्नल देव आनंद लोहमरोड़ सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ 15 जून 2020 की रात लद्दाख की गलवान घाटी में हुआ संघर्ष केवल एक आम सीमाई झड़प नहीं थी। इसने भारत-चीन संबंधों के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ को चिह्नित किया, जिसने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शक्ति संतुलन, सैन्य रणनीति और राजनीतिक सोच को बुनियादी रूप से बदल कर रख दिया। छह वर्ष बाद, जब हम 2026 में इसका आकलन करते हैं, तो
सैनिक की सेवाकाल में मृत्यु पर आश्रित परिवार को नौकरी देने का राष्ट्रीय कानून बने : कर्नल देव आनंद
स्टेट ब्यूरो हेड प्रियंका माली की रिपोर्ट जयपुर, 15 जून 2026। गलवान संघर्ष की छठी वर्षगांठ के अवसर पर 15 जून 2026 को अमर जवान ज्योति पर वीर शहीदों को नमन करने हेतु एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत संध्या समय मोमबत्तियां जलाकर गलवान के वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन जय हिंद सल्यूट तिरंगा संस्था द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद लोहमरोड़, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भूतपूर्व सैनिक विकास समिति रहे। जय हिंद सल्यूट तिरंगा द्वारा प्रतिवर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महि
सौ दिनों की दरार: वायु शक्ति, असममित युद्ध और पश्चिम एशिया की सुरक्षा संरचना का पुनर्निर्माण…
स्टेट ब्यूरो रिपोर्ट कर्नल देव आनंद लोहमरोड़ सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ.. 28 फरवरी 2026 वह तारीख सिद्ध हो सकती है जिसने पश्चिम एशिया के सामरिक परिदृश्य को मूल रूप से बदल दिया। इसी दिन संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के विरुद्ध एक समन्वित सैन्य अभियान प्रारम्भ किया, जिसने शीघ्र ही इक्कीसवीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण संघर्षों में से एक का रूप ले लिया। यह केवल एक पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि आधुनिक युद्धकला के उस नए स्वरूप का प्रदर्शन था जिसमें वायु शक्ति, साइबर युद्ध, आर्थिक दबाव, समुद्री अवरोध और प्रॉक्सी नेटवर्क समान रूप से निर्णायक भूमिका निभाते हैं। सौ दिन बाद यह
पंचकोश के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के उद्देश्य पर पुनर्विचार…
स्टेट ब्यूरो रिपोर्ट डॉ. नेहा लोहामरोड़ संस्थापक एवं निदेशक, कोश फाउंडेशन आज जब दुनिया भर के समाज मानसिक स्वास्थ्य के संकट, बढ़ती सामाजिक एकाग्रता (अकेलेपन) और परीक्षाओं व प्रदर्शन के मानकों से दबी शिक्षा व्यवस्था से जूझ रहे हैं, तब एक बुनियादी सवाल पर नए सिरे से ध्यान देने की आवश्यकता है: शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या है? सदियों से शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने और आजीविका की तैयारी के एक साधन के रूप में देखा गया है। लेकिन मनुष्य केवल सूचनाओं का संग्रह मात्र नहीं है—विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में। हम शारीरिक, भावनात्मक, बौद्धिक, सामाजिक और आध्यात्मिक प्राणी हैं,
भारत-नेपाल संबंध: खुली सीमाएं, बीजिंग की छाया और बालेन शाह की हठधर्मिता
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखिका: डॉ. नेहा लोहमारोङ (पीएच.डी. – अंतरराष्ट्रीय संबंध, जेएनयू, दिल्ली) अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ भारत और नेपाल के संबंध केवल दो पड़ोसी देशों के राजनयिक समीकरण नहीं हैं, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति, धर्म, परंपरा और अटूट सामाजिक विश्वास से बुने हुए रिश्ते हैं। लगभग 1850 किलोमीटर लंबी खुली सीमा, बिना वीजा आवागमन, 'रोटी-बेटी' का प्रगाढ़ रिश्ता, जनकपुर-अयोध्या का सांस्कृतिक जुड़ाव, पशुपतिनाथ-काशी की आध्यात्मिक परंपरा तथा भारतीय सेना में शौर्य का परचम लहराने वाले गोरखा सैनिक—ये सभी तत्व प्रमाणित करते हैं कि भारत और नेपाल का रिश्ता सामान्य सीमा राजनीति
ऑपरेशन सर्प विनाश @ 23: जब जवान और आवाम ने मिलकर आतंकवाद को चुनौती दी…
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट कश्मीर में भारतीय सेना एवं गुर्जर-बकरवाल समुदाय की देशभक्ति, बलिदान और आतंकवाद विरोधी संघर्ष की अमर गाथा…. लेखक: कर्नल देव आनंद लोहमरोड़ (सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ) आज से ठीक 23 वर्ष पूर्व, 27 मई 2003 के ऐतिहासिक दिन भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुंछ-राजौरी क्षेत्र में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध चलाए गए 'ऑपरेशन सर्प विनाश' की सफलता का आधिकारिक उद्घोष किया गया था। यह केवल एक सैन्य विजय नहीं थी, बल्कि भारतीय सैन्य इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय था जहां देश की सेना और स्थानीय गुर्जर-बकरवाल समुदाय के जांबाजों ने मिलकर
भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक नया रणनीतिक मोड़: बाड़ लगाना, एन्क्लेव विवाद और 'चिकन नेक' को सुरक्षित करने का महा-मिशन…
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखक: कर्नल देव आनंद लोहमरोड़ (सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ)… 1971 में बांग्लादेश के उदय के बाद, एक जटिल 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा अस्तित्व में आई। इस सीमा को व्यवस्थित करने के लिए, 16 Fil मई 1974 को भूमि सीमा समझौता (LBA) किया गया, जिसे 1975 में मान्यता मिली। इसकी सबसे बड़ी व्यावहारिक विसंगति 162 एन्क्लेव (अंतःक्षेत्र/विदेशी क्षेत्र) की उपस्थिति थी—जिसमें भारत के भीतर 111 बांग्लादेशी एन्क्लेव और बांग्लादेश के भीतर 51 भारतीय एन्क्लेव शामिल थे। ये इलाके तस्करी, घुसपैठ और जाली नोटों (FICN) के अनियंत्रित ठिकाने बन गए थे। इस ऐतिहासिक भूल क
120 एकड़ का मास्टर स्ट्रोक: चिकन नेक पर भारत की आयरन फिस्ट और बदलती राष्ट्रीय सुरक्षा नीति…
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखक: कर्नल देव आनंद लोहामरोर (सिक्योरिटी एंड इंटरनेशनल अफेयर्स एक्सपर्ट)… भारत का विभाजन केवल धार्मिक आधार पर दो देशों का निर्माण भर नहीं था, बल्कि उसके भीतर आने वाले दशकों में भारत को सामरिक रूप से कमजोर करने की एक गहरी भू-राजनीतिक सोच भी छिपी हुई थी। बंगाल का विभाजन और पूर्वी पाकिस्तान का निर्माण केवल सीमाओं का पुनर्गठन नहीं था, बल्कि भारत के पूर्वोत्तर को मुख्य भूमि से काटने की एक दीर्घकालिक रणनीतिक चुनौती भी थी। आज जिस क्षेत्र को हम “सिलीगुड़ी कॉरिडोर” या “चिकन नेक” के नाम से जानते हैं, वह उसी ऐतिहासिक भूल और राजनीतिक निर्णयों का परिणाम है। सिली
हिंदी-चीनी भाई-भाई से भारत फर्स्ट: दक्षिण एशिया के बदलते शक्ति संतुलन की कहानी…
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखक: कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ… जब अंग्रेजों ने भारतीय उपमहाद्वीप को छोड़ा, तो उन्होंने न केवल विभाजित क्षेत्र छोड़े; बल्कि वे विवादित सीमाएं, अनसुलझी रणनीतिक दरारें और एक ऐसी राजनीतिक मानसिकता भी छोड़ गए जो दक्षिण एशिया को दशकों तक अस्थिर रखने के लिए बनाई गई थी। ब्रिटिश साम्राज्यवादी नीति सीधी थी — "बांटो, प्रभावित करो और नियंत्रण करो।" सीमाएं इस तरह से खींची गईं जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पूरे क्षेत्र में भविष्य के विवाद सुलगते रहें। भारत के विभाजन के बाद, स्वतंत्र भारत को आकार देने वाले कई नीति निर्मा
2020 में स्वास्थ्य सुरक्षा से 2026 में आर्थिक सुरक्षा: नागरिक कर्तव्य का नया सुरक्षा कवच
स्टेट ब्यूरो प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखक: कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ…. देशभक्ति केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं होती। संकट के समय आर्थिक अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता भी राष्ट्रसेवा का रूप बन जाती है। वर्ष 2020 के कोविड संकट के दौरान भारतीयों के सामूहिक अनुशासन ने देश की प्राण रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज 2026 की वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक अस्थिरता के बीच वही भावना भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को अस्थिर कर दिया है, समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरा बढ़ा दिया है और तेल आपूर्ति क
ग्रेट निकोबार परियोजना : इंडो-पैसिफिक में भारत की समुद्री रणनीतिक छलांग
स्टेट हेड प्रियंका माली की रिपोर्ट लेखक: कर्नल देव आनंद लोहमरोर, सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार… ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की सबसे महत्वाकांक्षी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक पहलों में से एक है। यह केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि भारत की व्यापक भू-राजनीतिक, समुद्री, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि का प्रतीक है। ऐसे समय में जब वैश्विक शक्ति संतुलन तेजी से समुद्री व्यापार मार्गों और सामरिक समुद्री गलियारों के इर्द-गिर्द केंद्रित हो रहा है, तब भारत का ध्यान अपने द्वीपीय क्षेत्रों की ओर बढ़ना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दक
कर्नल देव आनंद गुर्जर ने ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस जनरल अनिल चौहान के राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रियंका माली की रिपोर्ट जयपुर, 7 मई 2026। ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर कर्नल देव आनंद गुर्जर ने ऑपरेशन सिंदूर के सफल संचालन को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीडीएस जनरल अनिल चौहान के राजनीतिक एवं सैन्य नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। कर्नल देव आनंद गुर्जर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की रणनीतिक क्षमता, सैन्य समन्वय और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए रक्षा नेतृत्व को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि ऐसे अभियान देशवासियों में गर्
पांचो दिशाओं से पाकिस्तान की घिरती तबाही — आतंक, विद्रोह और भीड़तंत्र के बीच बिखरता राष्ट्र
पांचो दिशाओं से पाकिस्तान की घिरती तबाही — आतंक, विद्रोह और भीड़तंत्र के बीच बिखरता राष्ट्र… कर्नल देव आनंद लोहामरोङ, रक्षा विशेषज्ञ दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता का नया दौर शुरू हो चुका है। ठीक उसी समय जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्ताक़ी रूस की यात्रा के बाद नई दिल्ली में कूटनीतिक वार्ताओं के लिए पहुंचे हुए हैं, पाकिस्तान ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए 10 अक्टूबर 2025 को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के नज़दीक हवाई हमला किया। पाकिस्तान का यह दावा था कि उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन अफगान सरकार ने इसे “अवैध आक्रमण” करार दे
जैश-ए-मोहम्मद की नई चाल — महिला विंग का गठन और बदलती आतंक रणनीति का खतरनाक संकेत..
जैश-ए-मोहम्मद की नई चाल — महिला विंग का गठन और बदलती आतंक रणनीति का खतरनाक संकेत.. कर्नल देव आनंद लोहामरोड पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने हाल ही में एक नया और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए 8 अक्टूबर 2025 को बहावलपुर के मार्कज़ उस्मान-ओ-अली में अपनी पहली महिला इकाई “जमात-उल-मुमिनात” (Jamaat-ul-Mominaat) के गठन की आधिकारिक घोषणा की। इस नई शाखा का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर को सौंपा गया है। इसकी भर्ती प्रक्रिया बहावलपुर स्थित जैश के प्रमुख केंद्र मार्कज़ उस्मान-ओ-अली से शुरू की गई और इसे कराची, मुज़फ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मनसेहरा त
यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर – 2025” से सम्मानित हुए नितेश गंगारामानी
यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर – 2025” से सम्मानित हुए नितेश गंगारामानी नवभारत इंफ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट कांक्लेव 2025 में मिला प्रतिष्ठित सम्मान “Building the Future of India” थीम के अंतर्गत हुआ भव्य आयोजन रियल एस्टेट जगत में तेजी से उभरते युवा उद्यमी नितेश गंगारामानी, जो Nyshaa Realty के प्रबंध निदेशक हैं, को “Young Entrepreneur of the Year – 2025” सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें Navabharat Infrastructure & Real Estate Conclave 2025 में प्रदान किया गया- एक ऐसा मंच जिसने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर के अग्रदूतों को एक साथ लाकर “Building the Future of India” थीम के म
भारत–अफगान रिश्तों का नया अध्याय: सावधानी और रणनीति के बीच कूटनीति…
कर्नल देव आनंद लोहामरोड़, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्ताक़ी की नई दिल्ली यात्रा दक्षिण एशिया की कूटनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखी जा रही है। अफगानिस्तान सरकार के इस सबसे वरिष्ठ प्रतिनिधि का भारत आगमन उस समय हुआ जब विश्व समुदाय अब भी तालिबान शासन को वैध मान्यता देने से परहेज़ कर रहा है। अगस्त 2021 में सत्ता संभालने के बाद तालिबान ने खुद को “इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान” घोषित किया था, परंतु महिलाओं के अधिकारों के हनन, अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और आतंकवादी संगठनों से संबंधों के कारण अधिकांश देशों ने इसे वैध शासन के रूप में स्वीकार नहीं किया। हालांकि स्थिति में प
Former Union Cabinet Secretary Rajiv Gauba (Retd IAS: 1982: JH) has reportedly been appointed
Former Union Cabinet Secretary Rajiv Gauba (Retd IAS: 1982: JH) has reportedly been appointed as the new Member, NITI Aayog in the rank of Minister of State. He has been given Y-categoty security cover.
टूटने की ओर बढ़ता पाकिस्तान….
कर्नल (डॉक्टर) देव आनंद लोहामरोड़, 1947 में अविभाजित भारत ( 41,5000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल) के विभाजन के समय 22% ( 9 लाख 55 000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल ) से बने पाकिस्तान ने शुरुआत से ही राजनीतिक अस्थिरता, सैन्य हस्तक्षेप, आर्थिक संकट और जातीय संघर्षों का सामना किया है। 1971 में इसका पहला विभाजन हुआ, जिससे बांग्लादेश के हिस्से में 1,47,570 वर्ग किलोमीटर (तत्कालीन पाकिस्तान का लगभग 15.27% क्षेत्र एवं पाकिस्तान के पास 8,18,955 वर्ग किलोमीटर तत्कालीन पाकिस्तान का लगभग 84.73% क्षेत्र) क्षेत्र के साथ बांग्लादेश का जन्म हुआ। आज, पाकिस्तान फिर से गहरे संकट में है, पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति:- आज
बांग्लादेश ने इस्लामिक देश से खरीदे खतरनाक ड्रोन, कर दिए भारत की सीमा पर तैनात
ब्यूरो रिपोर्ट बांग्लादेश ने इस्लामिक देश से खरीदे खतरनाक ड्रोन, कर दिए भारत की सीमा पर तैनात बाग्लादेश की पाकिस्तानी सेना और सरकार से बढ़ती करीबी के बीच तुर्की से भी रिश्तों में सुधार आया है। शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का रुख इस्लामिक देशों के प्रति दोस्ताना रहा है। अब बांग्लादेश ने भी उसे अपने साथ लिया है और हथियारों की खरीदकर भारत की सीमा पर तैनात किया है। भारतीय सुरक्षा बल इन ड्रोन्स की निगरानी कर रहे हैं। रक्षा सूत्रों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में इन ड्रोन्स ने सीमा पर उड़ान भरी हैं। अब तक ये ड्रोन बांग्लादेश की सीमा पर ही उड़ते पाए गए हैं। र
देवों के महादेव की पूजा-अर्चना के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. भगवान शिव से जुड़े कई व्रत-त्योहार पूरे साल पड़ते हैं, जिसमें महाशिवरात्रि सबसे अधिक महत्वपूर्ण है
देवों के महादेव की पूजा-अर्चना के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. भगवान शिव से जुड़े कई व्रत-त्योहार पूरे साल पड़ते हैं, जिसमें महाशिवरात्रि सबसे अधिक महत्वपूर्ण है यह शिव से जुड़े बड़े उत्सवों में भी एक है, जिसमें श्रद्धालु पूरे मनोभाव से महादेव और पार्वती की अराधना करते हैं. आइए जानते हैं साल 2025 में कब है महाशिवरात्रि और पूजा के लिए कौन से मुहूर्त रहेंगे शुभ. पंचांग के मुताबिक महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्दशी तिथि को मनाया जात है. लेकिन डेट को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति रहती है. इसका कारण यह है कि अंग्रेजी केलैंडर के अनुसा
हाइब्रिड आतंकवाद का बढ़ता खतरा ….कर्नल देव आनंद लोहामरोड़
हाइब्रिड आतंकवाद का बढ़ता खतरा …. कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ रक्षा विशेषज्ञ जम्मू कश्मीर में नई सरकार बनने के बाद सक्रिय हुए आतंकवाद जिनके निशाने पर सेना एवं गैर कश्मीरी हिन्दू नागरिक दिखाई देते हैं। क्या यह कोई साजिश का हिस्सा है जिससे कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच में दरार पैदा की जा सके या अलगाववादी एवं डीप स्टेट की कोई भारत सरकार पर दबाव बनाने की साजिश है ? कुछ वर्ष पूर्व घाटी में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ के दौरान ऐसे आतंकवादियों को मार गिराया था जो एक - दो दिन पहले ही आतंकवादी समूह का हिस्सा बने थे। कुछ मामलों में मारे गए आतंकवादी के परिवारजनो को यह भरोसा नहीं था कि उनके बच्चों ने आतं
पन्ना जिले के तीन विधानसभा में पहले राउंड का परिणाम
श्रीप्रकाश पाठक की रिपोर्ट पन्ना जिले के तीन विधानसभा में पहले राउंड का परिणाम पन्ना जिले जिले की तीनों विधानसभा में बीजेपी आगे गुनौर से भाजपा के राजेश वर्मा 238 वोटो से आगे पवई के प्रहलाद लोधी 1397 वोट से आगे पन्ना विधानसभा से भाजपा के मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह 314 बोर्ड से आगे,,, भाजपा 4037,, कांग्रेस को 3723 मत मिले पवई से पूर्व मंत्री मुकेश नायक पीछे चल रहे हैं डाक मत पत्रों की गिनती शुरू हुई है लिफाफे खोले जा रहे,,
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने महादेव ऐप घोटाले में आरोपों का किया ज़ोरदार खण्डन
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने महादेव ऐप घोटाले में आरोपों का किया ज़ोरदार खण्डन। रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने मीडिया आउटलेट्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों prevailing narrative धारणा से प्रभावित ना होने का आग्रह किया है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग की पेशकश कर रहे हैं। 07 अक्टूबर 2023, दिल्ली, भारत - श्री रवि उप्पल और श्री सौरभ चंद्राकर हाल ही में महादेव बुक सट्टेबाजी एप्लिकेशन को लेकर गंभीर आरोपों में घिरे हैं, उन्होंने कथित सट्टेबाजी रैकेट के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। वे ग़लत आरोप लगाए जाने और इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड के रूप में चित्रित किए जाने पर गहरा खेद व्
केंद्रीय सचिवालय सेवा में अनुभाग अधिकारी पर लगभग 50 प्रतिशत ख़ाली पड़ें।
केंद्रीय सचिवालय सेवा में अनुभाग अधिकारी पर लगभग 50 प्रतिशत ख़ाली पड़ें पदो को लेकर सीएसएस फोरम के महासचिव श्री आशुतोष मिश्रा एवं फोरम के साथी पदाधिकारियों की लगातार संयुक्त सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग एवं निजी सचिव, माननीय मंत्री कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, डॉ जितेंद्र सिंह जी से तय समय सीमा में रिक्तियों को भरने के लिए मुलाक़ात का दौर जारी है, जिसमें डीओपीटी अधिकारियों ने सीएसएस फोरम पदाधिकारियों को सुनिश्चित किया है कि आगामी 30 जून 2023 तक सभी योग्य सहायक अनुभाग अधिकारियों को प्रोन्नति दे दी जाएगी एवं 2023 तक सभी बैकलॉग रिक्तियों को भर दिया जाएगा परंतु इस संबंध में सीएस प्रभाग द्वारा
